Chandraghanta Mantra (चन्द्रघंटा मंत्र) नवरात्रि के तीसरे दिन किसी दुर्गा मंदिर में घंटी भेंट करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें. मान्यता है इससे विरोधी कार्य में बाधा नहीं बनते और तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं, ये उपाय जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आता है. उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। 

मां दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है,नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-अर्चना किया जाता है।

Chandraghanta Mantra चन्द्रघंटा मंत्र

  • या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:।।
  • पिंडजप्रवरारुढ़ा चन्दकोपास्त्रकैर्युता|
    प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघंटेति विश्रुता||

मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र है

‘ऐं श्रीं शक्तयै नम:’

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Chandraghanta Mantra in Hindi को हमने ध्यान पूर्वक लिखा है, फिर भी इसमे किसी प्रकार की त्रुटि दिखे तो आप हमे Comment करके या फिर Swarn1508@gmail.com पर Email कर सकते है। 

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