चालीसा जैसी प्रार्थनाएँ विशेष रूप से हिन्दू धर्म में पूजा और आराधना के समय पढ़ी जाती हैं और विशेष पूजा के अवसरों पर ये चालीसाएँ विभिन्न देवताओं और देवियों के लिए होती हैं, जैसे कि “हनुमान चालीसा” या “दुर्गा चालीसा”।
Shri Sheetalnath Chalisa शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अघिकाय । कल्पवृक्ष सम प्रभु चरण, है सबको सुखदाय । जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा मण्डित.करुणासागर । भद्धिलपुर के दृढ़रथ राय, भूप प्रजावत्सल कहलाए । रमणी रत्न सुनन्दा रानी, गर्भ में…
श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु प्रजा पालक थे। महादेवी सुव्रता अभिन्न, पुत्रा आभाव से रहती…
श्री अजितनाथ चालीसा श्री आदिनाथ को शिश नवा कर, माता सरस्वती को ध्याय । शुरू करूँ श्री अजितनाथ का, चालीसास्व – सुखदाय ।। जय श्री अजितनाथ जिनराज । पावन चिह्न धरे गजराज ।। नगर अयोध्या करते राज । जितराज नामक…
Shri Sambhavnath Chalisa श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनराय ।। जगतपूज्य श्री सम्भव स्वामी । तीसरे तीर्थकंर है नामी ।। धर्म तीर्थ प्रगटाने वाले । भव दुख…
श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठि को । लिखूँ श्रेयान्सनाथ – चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयान्सनाथ श्रुतज्ञायक हो, जय उत्तम आश्रय दायक हो ।। माँ वेणु पिता विष्णु प्यारे, तुम…
श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा लोक शिखर के वासी है प्रभु, तीर्थंकर सुपार्श्व जिनराज ।। नयन द्वार को खोल खडे हैं, आओ विराजो हे जगनाथ ।। सुन्दर नगर वारानसी स्थित, राज्य करे राजा सुप्रतिष्ठित ।। पृथ्वीसेना उनकी रानी, देखे स्वप्न सोलह अभिरामी…
श्री पार्श्वनाथ चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर *भगवान पार्श्वनाथ* की महिमा, करुणा और तप के गुणों का स्तुतिगान है। यह चालीसा भक्तों को आंतरिक शांति, सद्गुणों का विकास और जीवन में संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देती है। पार्श्वनाथ…
Shri Sumatinath Chalisa श्री सुमतिनाथ का करूणा निर्झर, भव्य जनो तक पहूँचे झर – झर ।। नयनो में प्रभु की छवी भऱ कर, नित चालीसा पढे सब घर – घर ।। जय श्री सुमतिनाथ भगवान, सब को दो सदबुद्धि –…
भगवान महावीर चालीसा जैन धर्म में विशेष स्थान रखता है। महावीर चालीसा भगवान महावीर स्वामी के प्रति भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने वाला एक लोकप्रिय स्तोत्र है। यह चालीसा जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जीवन, उनकी शिक्षाओं और…
Shri Aadinath Chalisa Lyrics शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार | आदिनाथ भगवान को मन मन्दिर में धार || -: चौपाई :- जै जै आदिनाथ…
श्री नमिनाथ चालीसा सतत पूज्यनीय भगवान, नमिनाथ जिन महिभावान । भक्त करें जो मन में ध्याय, पा जाते मुक्ति-वरदान । जय श्री नमिनाथ जिन स्वामी, वसु गुण मण्डित प्रभु प्रणमामि । मिथिला नगरी प्रान्त बिहार, श्री विजय राज्य करें हितकर…
Shri Neminath Chalisa श्री जिनवाणी शीश धार कर, सिध्द प्रभु का करके ध्यान । लिखू नेमि- चालीसा सुखकार, नेमिप्रभु की शरण में आन । समुद्र विजय यादव कूलराई, शौरीपुर राजधानी कहाई । शिवादेवी उनकी महारानी , षष्ठी कार्तिक शुक्ल बरवानी…