Padmavati Mata Aarti Lyrics in Hindi

Jain Padmavati Mata ki Aarti (रागः- जय जय आरति आदिजिणंदा..) देवी पद्मावती आरती तुमारी,  मंगलकारी जय जय कारी…. देवी पद्मावती आरती तुमारी ||1|| पार्श्व प्रभु छे शिरपर ताहरे,  भक्ति करंतां तुं भक्तोने तारे…. देवी पद्मावती आरती तुमारी.. ||2|| उज्जवल वर्णी मूत्ति शुं सोहे, …

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Padmavati Mata Ki Aarti | जैन आरती

पद्मावती माता की आरती पद्मावती माता, दर्शन की बलिहारियां।। टेक०।। पार्श्वनाथ महाराज विराजे मस्तक ऊपर थारे, माता मस्तक ऊपर थारे। इन्द्र, फणेन्द्र, नरेन्द्र सभी मिल, खड़े रहें नित द्वारे। हे पद्मावती माता, दर्शन की बलिहारियां।। दो बार।। जो जीव थारो…

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भक्तामर स्तोत्र संस्कृत Bhaktamar Stotra in Sanskrit

Bhaktamar Stotra Sanskrit  की रचना आचार्य मानतुंग जी ने 7वीं शताब्दी मे की थी, आचार्य मानतुंग जी उस समय के प्रसिद्ध राजा भोज के काल में हुए थे। उन्होंने इसकी रचना तब की जब उन्हें राजा ने किसी कारणवश 48 तालों वाली जेल…

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Om Aum Meaning – ॐ का जैन धर्म में अर्थ

ॐ (औम) का जैन धर्म में अर्थ जैन धर्म में "ॐ" (Aum) एक पवित्र ध्वनि और प्रतीक है, जो आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व रखता है। यह मंत्र जैन परंपराओं में गहन अर्थ लिए हुए है और इसे आत्मा की शुद्धता,…

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Jinvani Book: Poojan Paath Pradeep Jinvani Sangrah

जिनवाणी पुस्तक: आत्मज्ञान की ओर एक कदम परिचय भारतीय धर्मों में ज्ञान का स्थान सर्वोपरि रहा है, और जैन धर्म में तो ज्ञान को मोक्ष प्राप्ति का सीधा मार्ग माना गया है। इसी ज्ञान का मुख्य स्रोत है जिनवाणी —…

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Symbol Jainism: जैन धर्म का प्रतीक

जैन धर्म क्या है? इतिहास और तीर्थंकर जैन धर्म की शुरुआत किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं हुई, बल्कि यह एक शाश्वत सत्य (सनातन धर्म) पर आधारित है, जिसे समय-समय पर **तीर्थंकरों** द्वारा प्रकट किया जाता है। 'तीर्थंकर' शब्द का अर्थ है…

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Jab Koi Nahi Aata Mere Dada Aate Hai Lyrics

"जब कोई नहीं आता, मेरे दादा आते हैं" एक हृदयस्पर्शी जैन भजन है, जो भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। इस भजन में भक्त अपनी विपरीत परिस्थितियों, निराशा, अकेलेपन और संकट के क्षणों में प्रभु पर…

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।। पार्श्वनाथाष्टकम् ।। Jain Parshvanath Ashtak

यह रहा पार्श्वनाथाष्टकम् (Parshvanathashtakam) – जो भगवान पार्श्वनाथ (24 में से 23वें तीर्थंकर) को समर्पित एक अत्यंत पवित्र जैन स्तोत्र है। यह स्तोत्र उनके गुणों का स्तवन करता है और भक्ति, शांति एवं मोक्ष की भावना जाग्रत करता है। Parshvanath…

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जैन मंदिरों में चावल (अक्षत) ही क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए इसके पीछे का आध्यात्मिक रहस्य

Jain Mandir me Chawal kyo Chadhaya Jata hai जब भी आप किसी जैन मंदिर में जाते हैं, तो आपने देखा होगा कि भक्तगण पूजा के समय भगवान के समक्ष चावल या अक्षत चढ़ाते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ…

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Mutual Fund Advisor: म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कैसे करे

Mutual Fund me Kaise Invest Kare in Hindi अगर आप भी Mutual Fund मे निवेश करना चाहते है और आपको जानकारी नहीं है की अपने उद्देश्य के लिए सही Mutual Fund कैसे चुने तो आप सही जगह पर आए है,…

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जैन पूजा करने के विधि – Jain Pooja Krne ki Vidhi

Jain Pooja Krne ki Vidhi जैन पूजा सामग्री प्रासुक जल (कुंए या बोरिंग का जल आवश्यक मात्रा में एक बड़े बर्तन में, दोहरे छन्ने से छान कर पानी को गर्म करके पुनः ठंडा होने छोड़ दें| (पानी गर्म करने की…

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Shri Sudha Sagar Ji Maharaj ka Jivan Parichay

Muni Pungav 108 Shri Sudha Sagar Ji Maharaj मुनि पुंगव १०८ सुधासागर जी महाराज: त्याग, तपस्या और ज्ञान के प्रकाश स्तंभ भारतीय संत परंपरा, विशेषकर जैन धर्म, ऐसे अनेक महान साधकों से सुशोभित रही है, जिन्होंने अपने जीवन को ज्ञान,…

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