जैन आलोचना पाठ – Alochana Path

जैन धर्म का मूल आधार अहिंसा और आत्म-कल्याण है। इस कठोर संयम मार्ग पर चलते हुए, श्रावक-श्राविकाओं से जाने-अनजाने में मन, वचन या काया से अनेक भूलें हो जाती हैं। इन भूलों और पापों का परिमार्जन (सफाई) करना आध्यात्मिक उन्नति…

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