BARAH BHAVNA – बारह भावना(मंगतराय)
https://youtu.be/nzQB0dr0LHk वंदूँ श्री अरिहंतपद, वीतराग विज्ञान|वरणूँ बारह भावना, जग-जीवन-हित जान||१|| (विष्णुपद छंद) कहाँ गये चक्री जिन जीता, भरतखंड सारा|कहाँ गये वह राम-रु-लक्ष्मण, जिन रावण मारा||कहाँ कृष्ण-रुक्मिणि-सतभामा, अरु संपति सगरी|कहाँ गये वह रंगमहल अरु, सुवरन की नगरी ||२|| नहीं रहे वह…
