भगवान आत्मा आनंद भंडार चेतन उस पर दृष्टि कर…Jain Bhajan

इस भजन भगवान आत्मा आनंद भंडार चेतन उस पर दृष्टि कर. में साधक अपनी आत्मा में स्थित अनंत आनंद के सागर की ओर अपनी दृष्टि केंद्रित करने का आग्रह करता है। संसार के बाहरी आकर्षण से हटकर भीतर उतरना और…

Continue Readingभगवान आत्मा आनंद भंडार चेतन उस पर दृष्टि कर…Jain Bhajan