भक्तामर स्तोत्र संस्कृत Bhaktamar Stotra in Sanskrit

Bhaktamar Stotra Sanskrit  की रचना आचार्य मानतुंग जी ने 7वीं शताब्दी मे की थी, आचार्य मानतुंग जी उस समय के प्रसिद्ध राजा भोज के काल में हुए थे। उन्होंने इसकी रचना तब की जब उन्हें राजा ने किसी कारणवश 48 तालों वाली जेल…

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श्रीमन्मानतुङ्गाचार्य कृत ‘भक्तामरस्तोत्र’ Bhaktamar Stotra Sanskrit

श्रीमन्मानतुङ्गाचार्य कृत भक्तामर स्तोत्र, Jain dharm ke अद्भुत रत्नों में से एक है Shri Bhaktamar Stotra, जो Acharya Manatunga द्वारा Sanskrit भाषा में रचित एक अद्वितीय स्तोत्र माना जाता है. यह केवल कविता नहीं, बल्कि ek aisi spiritual sadhana hai,…

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