धन्य धन्य वीतराग वाणी… Bhajan

धन्य धन्य वीतराग वाणी, अमर तेरी जग में कहानी चिदानन्द की राजधानी, अमर तेरी जग में कहानी ।।टेक।। उत्पाद व्यय अरु ध्रोव्य स्वरूप, वस्तु बखानी सर्वज्ञ भूप । स्याद्वाद तेरी निशानी, अमर तेरी जग में कहानी ।१। नित्य अनित्य अरू…

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Bhagwan Mahaveer (Bhajan)

प्रभु वीर ने मुक्ति का पथ दिखाया पथ को हमने ही पंथ बनाया पथ के ऊपर एक बिंदु लगाया बिंदु में उलझे, सिंधु भुलाया इस पंथवाद ने हमें कहाँ तक पहुँचाया किससे जीते हम? हमने किसे हराया? हमने किसे हराया?…

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