सोलह कारण पूजा || Solah Karan Pooja
कविवर द्यानतराय (अडिल्ल) सोलह कारण भाय तीर्थंकर जे भये | हरषे इन्द्र अपार मेरुपै ले गये || पूजा करि निज धन्य लख्यो बहु चावसौं| हमहू षोडश कारन भावैं भावसौं || ॐ ह्रीं दर्शनविशुद्धयादि षोडशकारणानि! अत्र अवतर अवतर संवौषट् | ॐ…
