श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ जिन पूजा – Shri Parshwnath Pooja

(अडिल्ल छन्द) ह्रूं कार अक्षरात्मक देव जो ध्यावते | देव मनुष्य पशु कृत सो व्याधि नशावते || कांसी तांबे पत्र पे शुद्ध लिखावते | केशर चंदन तापर गंध रचावते || (दोहा) ऐसे अनुपम-यंत्र को, मन वच काय संभार | जे…

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Shri Pushpdant Chalisa – श्री पुष्पदन्त चालीसा

श्री पुष्पदन्त चालीसा दुख से तप्त मरूस्थल भव में, सघन वृक्ष सम छायाकार ।। पुष्पदन्त पद – छत्र – छाँव में हम आश्रय पावे सुखकार ।। जम्बूद्विप के भारत क्षेत्र में, काकन्दी नामक नगरी में ।। राज्य करें सुग्रीव बलधारी, जयरामा रानी थी…

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चालीसा: Shri Shantinath Chalisa – श्री शान्तिनाथ चालीसा

Shri Shantinath Chalisa Lyrics शान्तिनाथ भगवान का, चालीसा सुखकार ।। मोक्ष प्राप्ति के लिय, कहूँ सुनो चितधार ।। चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार ।। बढ़े जगत सम्पन, सुमत अनुपम शुद्ध विचार ।। शान्तिनाथ तुम शान्तिनायक, पण्चम चक्री जग…

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श्री अरहनाथ चालीसा – Shri Arahnath Chalisa

श्री अरहनाथ चालीसा जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर, श्री अरहनाथ भगवान को समर्पित एक पवित्र भक्ति स्तोत्र है। भक्तगण अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने के लिए नियमित रूप से इस चालीसा का पाठ करते हैं। ऐसा विश्वास है कि…

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श्री कुन्थनाथ चालीसा – Shri Kunthunath Chalisa

श्री कुन्थनाथ चालीसा दयासिन्धु कुन्थु जिनराज, भवसिन्धु तिरने को जहाज । कामदेव… चक्री महाराज, दया करो हम पर भी आज । जय श्री कुन्युनाथ गुणखान, परम यशस्वी महिमावान । हस्तिनापुर नगरी के भूपति, शूरसेन कुरुवंशी अधिपति । महारानी थी श्रीमति…

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श्री अनन्तनाथ चलीसा – Shri Anantnath Chalisa

Shri Anantnath Chalisa अनन्त चतुष्टय धारी ‘अनन्त, अनन्त गुणों की खान “अनन्त’ । सर्वशुध्द ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करें मम दोष अनन्त । नगर अयोध्या महा सुखकार, राज्य करें सिहंसेन अपार । सर्वयशा महादेवी उनकी, जननी कहलाई जिनवर की ।…

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श्री विमलनाथ चालीसा – Shri Vimalnath Chalisa

श्री विमलनाथ चालीसा सिद्ध अनन्तानन्त नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय ।। विमलप्रभु क्री विमल भक्ति कर, चरण कमल में शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठों कर्म किए नि:शेष ।। कृतवर्मा के राजदुलारे, रानी जयश्यामा के प्यारे…

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श्री पार्श्वनाथ-जिन पूजा (पुष्पेंदु) | Parasnath Jin Pooja

कविश्री 'पुष्पेंदु' हे पार्श्वनाथ! हे अश्वसेन-सुता! करुणासागर तीर्थंकर हे सिद्धशिला के नेता! हे ज्ञान-संपन्न तीर्थंकर || हम भावुकता से भर गए, तुम्हारे नाथ! बुलाया भगवान! गाथा की गंगा से, तुमाने कितनों को तारा है || हम द्वार तुम्हारे आये हैं,…

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श्री शीतलनाथ चालीसा – Shri Sheetalnath Chalisa

Shri Sheetalnath Chalisa शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अघिकाय । कल्पवृक्ष सम प्रभु चरण, है सबको सुखदाय । जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा मण्डित.करुणासागर । भद्धिलपुर के दृढ़रथ राय, भूप प्रजावत्सल कहलाए । रमणी रत्न सुनन्दा रानी, गर्भ में…

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Shri Dharamnath Chalisa – श्री धर्मनाथ चालीसा

श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु प्रजा पालक थे। महादेवी सुव्रता अभिन्न, पुत्रा आभाव से रहती…

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Shri Ajitnath Chalisa – श्री अजितनाथ चालीसा

श्री अजितनाथ चालीसा श्री आदिनाथ को शिश नवा कर, माता सरस्वती को ध्याय । शुरू करूँ श्री अजितनाथ का, चालीसास्व – सुखदाय ।। जय श्री अजितनाथ जिनराज । पावन चिह्न धरे गजराज ।। नगर अयोध्या करते राज । जितराज नामक…

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Shri Sambhavnath Chalisa – श्री सम्भवनाथ चालीसा

Shri Sambhavnath Chalisa श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनराय ।। जगतपूज्य श्री सम्भव स्वामी । तीसरे तीर्थकंर है नामी ।। धर्म तीर्थ प्रगटाने वाले । भव दुख…

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