चालीसा जैसी प्रार्थनाएँ विशेष रूप से हिन्दू धर्म में पूजा और आराधना के समय पढ़ी जाती हैं और विशेष पूजा के अवसरों पर ये चालीसाएँ विभिन्न देवताओं और देवियों के लिए होती हैं, जैसे कि “हनुमान चालीसा” या “दुर्गा चालीसा”।

Shri Namokar Mantra Chalisa णामोकार चालीसा

णमोकार मंत्र चालीसा जैन धर्म के परम पवित्र मंत्र, णमोकार मंत्र, की महिमा और प्रभाव को विस्तार से समझाने वाला एक स्तोत्र है। यह चालीसा भगवान, आचार्य, उपाध्याय, और साधुओं के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करती है। णमोकार मंत्र,…

Continue ReadingShri Namokar Mantra Chalisa णामोकार चालीसा

श्री पद्मावती माता चालीसा: Padmavati Chalisa

श्री पद्मावती माता चालीसा जैन धर्म में पूज्य देवी पद्मावती देवी को समर्पित एक भक्ति भजन है। उन्हें जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की रक्षक देवी (यक्षिणी) माना जाता है। जो लोग उनके गुणों की प्रशंसा करते हैं। …

Continue Readingश्री पद्मावती माता चालीसा: Padmavati Chalisa

श्री बड़े बाबा कुण्डलपुर चालीसा

श्री बड़े बाबा(आदिनाथ भगवान), जिनकी दिव्य प्रतिमा कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) में स्थापित है, दिगंबर जैन समाज के श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। उनकी भव्यता, तेजस्विता और आत्मिक ऊर्जा से युक्त यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,…

Continue Readingश्री बड़े बाबा कुण्डलपुर चालीसा

श्री सम्मेद शिखर चालीसा Shri Sammed Shikhar Chalisa

श्री सम्मेद शिखर जी, जैन धर्म का सबसे पावन तीर्थ स्थल है, जहाँ 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। यह स्थल आत्मशुद्धि, तपस्या और मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। "श्री सम्मेद शिखर चालीसा" एक भक्तिपूर्ण रचना है  Sammed Shikhar…

Continue Readingश्री सम्मेद शिखर चालीसा Shri Sammed Shikhar Chalisa

श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा – Nakoda Bhairav Chalisa

श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा पार्श्वनाथ भगवान की, मूरत चित बसाए ॥ भैरव चालीसा लिखू, गाता मन हरसाए ॥ नाकोडा भैरव सुखकारी, गुण गाये ये दुनिया सारी ॥ भैरव की महिमा अति भारी, भैरव नाम जपे नर  नारी ॥ जिनवर के…

Continue Readingश्री नाकोड़ा भैरव चालीसा – Nakoda Bhairav Chalisa

Shri Abhinandan Nath Chalisa – श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा

Shri Abhinandan Nath Chalisa ऋषभ – अजित – सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम – मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें अभिनन्दन ।। अयोध्या नगरी अती सुंदर, करते राज्य भूपति संवर ।। सिद्धार्था उनकी महारानी, सूंदरता में…

Continue ReadingShri Abhinandan Nath Chalisa – श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा

Shri Pushpdant Chalisa – श्री पुष्पदन्त चालीसा

श्री पुष्पदन्त चालीसा दुख से तप्त मरूस्थल भव में, सघन वृक्ष सम छायाकार ।। पुष्पदन्त पद – छत्र – छाँव में हम आश्रय पावे सुखकार ।। जम्बूद्विप के भारत क्षेत्र में, काकन्दी नामक नगरी में ।। राज्य करें सुग्रीव बलधारी, जयरामा रानी थी…

Continue ReadingShri Pushpdant Chalisa – श्री पुष्पदन्त चालीसा

चालीसा: Shri Shantinath Chalisa – श्री शान्तिनाथ चालीसा

Shri Shantinath Chalisa Lyrics शान्तिनाथ भगवान का, चालीसा सुखकार ।। मोक्ष प्राप्ति के लिय, कहूँ सुनो चितधार ।। चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार ।। बढ़े जगत सम्पन, सुमत अनुपम शुद्ध विचार ।। शान्तिनाथ तुम शान्तिनायक, पण्चम चक्री जग…

Continue Readingचालीसा: Shri Shantinath Chalisa – श्री शान्तिनाथ चालीसा

श्री अरहनाथ चालीसा – Shri Arahnath Chalisa

श्री अरहनाथ चालीसा जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर, श्री अरहनाथ भगवान को समर्पित एक पवित्र भक्ति स्तोत्र है। भक्तगण अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने के लिए नियमित रूप से इस चालीसा का पाठ करते हैं। ऐसा विश्वास है कि…

Continue Readingश्री अरहनाथ चालीसा – Shri Arahnath Chalisa

श्री कुन्थनाथ चालीसा – Shri Kunthunath Chalisa

श्री कुन्थनाथ चालीसा दयासिन्धु कुन्थु जिनराज, भवसिन्धु तिरने को जहाज । कामदेव… चक्री महाराज, दया करो हम पर भी आज । जय श्री कुन्युनाथ गुणखान, परम यशस्वी महिमावान । हस्तिनापुर नगरी के भूपति, शूरसेन कुरुवंशी अधिपति । महारानी थी श्रीमति…

Continue Readingश्री कुन्थनाथ चालीसा – Shri Kunthunath Chalisa

श्री अनन्तनाथ चलीसा – Shri Anantnath Chalisa

Shri Anantnath Chalisa अनन्त चतुष्टय धारी ‘अनन्त, अनन्त गुणों की खान “अनन्त’ । सर्वशुध्द ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करें मम दोष अनन्त । नगर अयोध्या महा सुखकार, राज्य करें सिहंसेन अपार । सर्वयशा महादेवी उनकी, जननी कहलाई जिनवर की ।…

Continue Readingश्री अनन्तनाथ चलीसा – Shri Anantnath Chalisa

श्री विमलनाथ चालीसा – Shri Vimalnath Chalisa

श्री विमलनाथ चालीसा सिद्ध अनन्तानन्त नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय ।। विमलप्रभु क्री विमल भक्ति कर, चरण कमल में शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठों कर्म किए नि:शेष ।। कृतवर्मा के राजदुलारे, रानी जयश्यामा के प्यारे…

Continue Readingश्री विमलनाथ चालीसा – Shri Vimalnath Chalisa