मेरी भावना पाठ – Meri Bhavna

जिसने राग-द्वेष कामादिक, जीते सब जग जान लिया सब जीवों को मोक्ष मार्ग का निस्पृह हो उपदेश दिया, बुद्ध, वीर जिन, हरि, हर ब्रह्मा या उसको स्वाधीन कहो भक्ति-भाव से प्रेरित हो यह चित्त उसी में लीन रहो। ॥1॥ विषयों…

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आत्म-कीर्तन – ATAM KIRTAN

कविश्री मनोहरलाल वर्णी ‘सहजानंद’ हूँ स्वतंत्र निश्चल निष्काम, ज्ञाता-दृष्टा आतम-राम| मैं वह हूँ जो हैं भगवान्, जो मैं हूँ वह हैं भगवान्| अन्तर यही ऊपरी जान, वे विराग मैं राग-वितान||१|| मम-स्वरूप है सिद्ध-समान, अमित-शक्ति-सुख-ज्ञान-निधान| किन्तु आश-वश खोया ज्ञान, बना भिखारी…

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श्री महावीर स्वामी जी जिन पूजा – Shree Mahaveer Swami Jin Pooja

कविश्री वृन्दावनदास (मत्त-गयंद छन्द) श्रीमत वीर हरें भव-पीर, भरें सुख-सीर अनाकुलताई | केहरि-अंक अरीकर-दंक, नयें हरि-पंकति-मौलि सुहाई || मैं तुमको इत थापत हूं प्रभु! भक्ति-समेत हिये हरषाई | हे करुणा-धन-धारक देव! इहाँ अब तिष्ठहु शीघ्रहि आई || ॐ ह्रीं श्रीवर्द्धमानजिनेन्द्र!…

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VAIRAGYA BHAVNA – जैन वैराग्य भावना : श्री वज्रनाभि चक्रवर्ती

भाषाकार : कविश्री भूधरदास (दोहा) बीज राख फल भोगवे, ज्यों किसान जग-माँहिं| त्यों चक्री-नृप सुख करे, धर्म विसारे नाहिं ||१|| (जोगीरासा व नरेन्द्र छन्द) इहविधि राज करे नरनायक, भोगे पुण्य-विशालो| सुख-सागर में रमत निरंतर, जात न जान्यो कालो|| एक दिवस…

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सामायिक पाठ – Samayik Path | नित देव मेरी आत्मा

कविश्री रामचरित उपाध्याय नित देव! मेरी आत्मा, धारण करे इस नेम को, मैत्री रहे सब प्राणियों से, गुणी-जनों से प्रेम हो| उन पर दया करती रहे, जो दु:ख-ग्राह-ग्रहीत हैं, सम-भाव उन सबसे रहे, जो वृत्ति में विपरीत हैं ||१|| करके…

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सामायिक पाठ | Samayik Path(प्रेम भाव हो सब जीवों से)

प्रेम भाव हो सब जीवों से, गुणीजनों में हर्ष प्रभो। करुणा स्रोत बहे दुखियों पर,दुर्जन में मध्यस्थ विभो॥ १॥ यह अनन्त बल शील आत्मा, हो शरीर से भिन्न प्रभो। ज्यों होती तलवार म्यान से, वह अनन्त बल दो मुझको॥ २॥…

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सामायिक पाठ – Samayak Path(काल-अनंत भ्रम्यो)

कविश्री बुध महाचंद्र प्रथम : प्रतिक्रमण-कर्म काल-अनंत भ्रम्यो जग में सहये दु:ख-भारी | जन्म-मरण नित किये पाप को है अधिकारी || कोटि-भवांतर माँहिं मिलन-दुर्लभ सामायिक | धन्य आज मैं भयो योग मिलियो सुखदायक ||१|| हे सर्वज्ञ जिनेश! किये जे पाप…

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भावना बत्तीसी | Bhavna Battisi

https://youtu.be/GFCSV2ayOxg भावना द्वात्रिंशतिका आचार्य अमितगति मेरा आतम सब जीवों पर मैत्री भाव करेगुणगणमंडित भव्य जनों पर प्रमुदित भाव धरे |दीन दुखी जीवों पर स्वामी! करुणाभाव करेऔर विरोधी के ऊपर नित समताभाव धरे ||1|| तुम प्रसाद से हो मुझमे वह शक्ति…

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भावना गीत – Bhavna Geet

भावना दिन-रात मेरी, सब सुखी संसार हो। सत्य संयम शील का, व्यवहार हर घर द्वार हो। भावना दिन-रात मेरी, सब सुखी संसार हो। धर्म का प्रचार हो, और देश का उद्धार हो। और ये उजड़ा हुआ, भारत चमन गुलजार हो।…

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श्री विमलनाथ जी जिन पूजा – Shree Vimalnath Jin Pooja

सहस्रार दिवि त्यागि, नगर कम्पिला जनम लिय| कृतधर्मानृपनन्द, मातु जयसेना धर्मप्रिय || तीन लोक वर नन्द, विमल जिन विमल विमलकर| थापौं चरन सरोज, जजन के हेतु भाव धर|| ॐ ह्रीं श्रीविमलनाथजिनेन्द्र ! अत्र अवतर अवतर संवौषट्| ॐ ह्रीं श्रीविमलनाथजिनेन्द्र !…

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श्री अनंतनाथ जी जिन पूजा – Shree Anantnath Jin Pooja

पुष्पोत्तर तजि नगर अजुध्या जनम लियो सूर्या उर आय, सिंघसेन नृप के नन्दन, आनन्द अशेष भरे जगराय| गुन अंनत भगवंत धरे, भवदंद हरे तुम हे जिनराय, थापतु हौं त्रय बार उचरि के, कृपासिन्धु तिष्ठहु इत आय|| ॐ ह्रीं श्रीअनन्तनाथजिनेन्द्र !…

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श्री धर्मनाथ जी जिन पूजा – Shree Dharmnath Jin Pooja

तजि के सरवारथसिद्धि विमान, सुभान के आनि आनन्द बढ़ाये| जगमात सुव्रति के नन्दन होय, भवोदधि डूबत जंतु कढ़ाये|| जिनके गुन नामहिं प्रकाश है, दासनि को शिवस्वर्ग मँढ़ाये| तिनके पद पूजन हेत त्रिबार, सुथापतु हौं इहं फूल चढ़ाये|| ॐ ह्रीं श्रीधर्मनाथजिनेन्द्र…

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