श्री चंद्रप्रभु जिन पूजा – Shree Chandraprabhu Jin Pooja

चारुचरन आचरन, चरन चितहरन चिन्ह चर | चंद-चंद-तनचरित, चंद थल चहत चतुर नर || चतुक चंड चकचूरि, चारि चिद्चक्र गुनाकर | चंचल चलित सुरेश, चूलनुत चक्र-धनुरधर || चर अचर हितू तारन तरन, सुनत चहकि चिर नंद शुचि | जिनचंद चरन…

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श्री पद्मप्रभ जिन पूजा (बाड़ा) – Shree Padamprabu Jin Pooja

श्रीधर-नंदन पद्मप्रभ, वीतराग जिननाथ| विघ्नहरण मंगलकरन, नमौं जोरि जुग-हाथ|| जन्म-महोत्सव के लिए, मिलकर सब सुरराज| आये कौशाम्बी नगर, पद-पूजा के काज|| पद्मपुरी में पद्मप्रभ, प्रकटे प्रतिमा-रूप| परम दिगम्बर शांतिमय, छवि साकार अनूप|| हम सब मिल करके यहाँ, प्रभु-पूजा के काज|…

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श्री संभवनाथ जिन पूजा – Shree Sambhavnaath Jin Pooja

जय संभव जिनचन्द्र सदा हरिगनचकोरनुत| जयसेना जसु मातु जैति राजा जितारिसुत|| तजि ग्रीवक लिय जन्म नगर श्रावस्ती आई| सो भव भंजन हेत भगत पर होहु सहाई |1| ॐ ह्रीं श्रीसंभवनाथ जिनेन्द्र ! अत्र अवतर अवतर संवौषट्| ॐ ह्रीं श्रीसंभवनाथ जिनेन्द्र…

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श्री अभिनन्दननाथ जिन पूजा – Shree Abhinandannaath Jin Pooja

छन्द अभिनन्दन   आनन्दकंद,   सिद्धारथनन्दन| संवर  पिता  दिनन्द  चन्द,  जिहिं  आवत वन्दन|| नगर  अयोध्या  जनम  इन्द, नागिंद  जु  ध्यावें| तिन्हें जजन के हेत थापि,  हम मंगल गावें |1| ॐ ह्रीं श्रीअभिनन्दन जिनेन्द्र ! अत्र अवतर अवतर संवौषट्| ॐ ह्रीं श्रीअभिनन्दन जिनेन्द्र !…

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श्री सुमतिनाथ जिन पूजा – Shree Sumtinaath Jin Pooja

संजम रतन विभूषन भूषित, दूषन वर्जित श्री जिनचन्द| सुमति रमा रंजन भवभंजन, संजययंत तजि मेरु नरिंद|| मातु मंगला सकल मंगला, नगर विनीता जये अमंद| सो प्रभु दया सुधा रस गर्भित आय तिष्ठ इत हरो दुःख दंद |1| ॐ ह्रीं श्रीसुमतिनाथ…

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श्री सुपार्श्वनाथ जिन पूजा – Shree Suparshvnaath Jin Pooja

जय जय जिनिंद गनिंद इन्द, नरिंद गुन चिंतन करें| तन हरीहर मनसम हरत मन, लखत उर आनन्द भरें|| नृप  सुपरतिष्ठ  वरिष्ठ  इष्ट,  महिष्ठ शिष्ट  पृथी  प्रिया| तिन नन्दके पद वन्द वृन्द, अमंद थापत जुतक्रिया|| ॐ ह्रीं श्रीसुपार्श्वनाथजिनेन्द्र ! अत्र अवतर…

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चतुर्थकालीन सॉंगानेर वाले बाबा ऋषभदेव की आरती

रचियता - लालचन्द जी जैन (राकेश) ॐ जय आदिनाथ बाबा, स्वामी आदिनाथ बाबा। साँगानेर वाले बाबा की, देव करें सेवा।। ॐ जय....... पिता प्रभु के नाभिराय हैं, मरुदेवी माता। नगर अयोध्या जन्म लिया हैं, सुख वैभवदाता।। ॐ जय........ पंचकल्याणक हुए…

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आदिनाथ भगवान की आरती – Aadinath Bhagwan ki Aarti

आरती करहूं जग देवन की । जय बोलो नाभि के नन्दन की। जय बोलो नाभि के नन्दन की। सांगानेर में आप बिराजे, छत्र तीन मस्तक पर छाजे; छबि सबके मन भावन की, जय बोलो नाभि के नन्दन की जय बोलो…

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भगवान आदिनाथ की आरती – Bhagwan Aadinath ki Aarti

ओम् जय आदिनाथ देवा, स्वामी आदिनाथ देवा। सुर नर किन्नर ऋषिगण, करते तब सेवा।। ओम् जय० नगर अयोध्या जन्म लिया प्रभु, वैभव था भारी। नाभिराय पितु माँ मरु देवी, तुम भव दुख हारी।। ओम् जय० धनुष पांच सौ काय आपकी,…

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चौबीसों भगवान की आरती – Chaubeeson Bhagwan ki Aarti

करहूं आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे; कर दो भव से पार लगा दो नैया किनारे, ऋषभ अजित सम्भव जिन स्वामी; अभिनन्दन भगवान लगा दो नैया किनारे, सुमति पद्म सुपार्श्व जिन स्वामी; चन्दाप्रभु भगवान, लगा दो नैया किनारे, पुष्प श्रेय शीतल…

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आरती पंचपरमेष्ठी – Aarti Panchaparmeshthi Ki

इहविधि मंगल आरती कीजै, पंच परमपद भज सुख लीजै।। टेक। पहली आरती श्री जिनराजा, भवदधि पार उतार जिहाजा।। इहविधि मंगल आरती कीजै, पंच परमपद भज सुख लीजै।। दूसरी आरती सिद्धन केरी, सुमरन करत मिटै भव फेरी।। इहविधि मंगल आरती कीजै,…

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श्री आदिनाथ जिन पूजा – Shree Aadinaath Jin Pooja

https://youtu.be/W6kEoTe05Es कविश्री जिनेश्वरदास (कुसुमलता छंद)नाभिराय-मरुदेवि के नंदन, आदिनाथ स्वामी महाराज|सर्वार्थसिद्धि तें आय पधारे, मध्य-लोक माँहिं जिनराज||इन्द्रदेव सब मिलकर आये, जन्म-महोत्सव करने काज|आह्वानन सब विधि मिलकर के, अपने कर पूजें प्रभु आज||ॐ ह्रीं श्री आदिनाथजिनेन्द्र! अत्र अवतर! अवतर! संवौषट्! (इति आह्वाननम्)ॐ…

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