श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा – Shri Shreyansnath Chalisa

श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठि को । लिखूँ श्रेयान्सनाथ – चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयान्सनाथ श्रुतज्ञायक हो, जय उत्तम आश्रय दायक हो ।। माँ वेणु पिता विष्णु प्यारे, तुम…

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Shri Suparshvanath Chalisa – श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा

श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा लोक शिखर के वासी है प्रभु, तीर्थंकर सुपार्श्व जिनराज ।। नयन द्वार को खोल खडे हैं, आओ विराजो हे जगनाथ ।। सुन्दर नगर वारानसी स्थित, राज्य करे राजा सुप्रतिष्ठित ।। पृथ्वीसेना उनकी रानी, देखे स्वप्न सोलह अभिरामी…

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श्री पार्श्वनाथ चालीसा – Shri Parshvnath Chalisa

श्री पार्श्वनाथ चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर *भगवान पार्श्वनाथ* की महिमा, करुणा और तप के गुणों का स्तुतिगान है। यह चालीसा भक्तों को आंतरिक शांति, सद्गुणों का विकास और जीवन में संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देती है। पार्श्वनाथ…

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Shri Sumatinath Chalisa – श्री सुमतिनाथ चालीसा

Shri Sumatinath Chalisa श्री सुमतिनाथ का करूणा निर्झर, भव्य जनो तक पहूँचे झर – झर ।। नयनो में प्रभु की छवी भऱ कर, नित चालीसा पढे सब घर – घर ।। जय श्री सुमतिनाथ भगवान, सब को दो सदबुद्धि –…

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Chalisa: भगवान महावीर चालीसा – Shri Mahaveer Chalisa

भगवान महावीर चालीसा जैन धर्म में विशेष स्थान रखता है। महावीर चालीसा भगवान महावीर स्वामी के प्रति भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने वाला एक लोकप्रिय स्तोत्र है। यह चालीसा जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जीवन, उनकी शिक्षाओं और…

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Chalisa: श्री आदिनाथ चालीसा – Shri Aadinath Chalisa

Shri Aadinath Chalisa Lyrics शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार | आदिनाथ भगवान को मन मन्दिर में धार || -: चौपाई :- जै जै आदिनाथ…

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श्री नमिनाथ चालीसा – Shri Naminath Chalisa

श्री नमिनाथ चालीसा सतत पूज्यनीय भगवान, नमिनाथ जिन महिभावान । भक्त करें जो मन में ध्याय, पा जाते मुक्ति-वरदान । जय श्री नमिनाथ जिन स्वामी, वसु गुण मण्डित प्रभु प्रणमामि । मिथिला नगरी प्रान्त बिहार, श्री विजय राज्य करें हितकर…

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श्री नेमिनाथ चालीसा – Shri Neminath Chalisa

Shri Neminath Chalisa श्री जिनवाणी शीश धार कर, सिध्द प्रभु का करके ध्यान । लिखू नेमि- चालीसा सुखकार, नेमिप्रभु की शरण में आन । समुद्र विजय यादव कूलराई, शौरीपुर राजधानी कहाई । शिवादेवी उनकी महारानी , षष्ठी कार्तिक शुक्ल बरवानी…

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Shri Chandraprabhu Chalisa – श्री चन्द्रप्रभु चालीसा

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिन वाणी को ध्याय | लिखने का साहस करुं, चालीसा सिर नाय |1| देहरे के श्रीचन्द्र को, पूजौं मन वच काय | ऋद्धि सिद्धि मंगल करें, विघ्न दूर हो जाय |2| जय श्रीचन्द्र दया…

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श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा – Shri Munisuvrath Chalisa

Shri Munisuvrath Chalisa अरिहंत सिद्ध आचार्य को करुं प्रणाम | उपाध्याय सर्वसाधू करते स्वपर कल्याण || जिनधर्म, जिनागम, जिनमंदिर पवित्र धाम | वीतराग की प्रतिमा को कोटि-कोटि प्रणाम || जय मुनिसुव्रत दया के सागर | नाम प्रभु का लोक उजागर || सुमित्रा…

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भगवान शान्तिनाथ(Shantinath)

तीर्थंकर भगवान शान्तिनाथ का जीवन परिचय शांतिनाथ(Shantinath) का जन्म ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन हुआ था। तब भरणी नक्षत्र था। उनके पिता का नाम विश्वसेन था, जो हस्तिनापुर के राजा थे और माता का नाम महारानी ऐरा था। जैन ग्रंथो…

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भगवान कुंथुनाथ(Kunthunath)

तीर्थंकर भगवान कुंथुनाथ का जीवन परिचय कुन्थुनाथ जी(Kunthunath) जैनधर्म के सत्रहवें तीर्थंकर हैं। इनका जन्म हस्तिनापुर में हुआ था। पिता का नाम शूरसेन (सूर्य) और माता का नाम श्रीकांता (श्री देवी) था। बिहार में पारसनाथ पर्वत के सम्मेद शिखर पर इन्होंने मोक्ष प्राप्त किया। प्रभु कुंथुनाथ जी जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर…

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