देव शास्त्र गुरु पूजा – 1 || Dev Shastra Guru Puja

जिनगीतिका शुचि ध्यान से  त्रेसठ  प्रकृति  हन,  वीतरागी हो गये, दृग ज्ञान सुख वीरज चतुष्टय, गुण अनंत  निजी  लिये। तीर्थेश बन उपदेश दे, अनगिन भविक निज सम किये, जिनदेव  श्रुत  गुरु  बोध  डालो, आज  मेरे  भी  हिये ॥ ओं ह्रीं…

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देवशास्त्र गुरु पूजन(प्रथम देव अरहंत) || Dev Shastra Guru Pujan

पं. द्यानतराय अडिल्ल प्रथम देव अरहंत सुश्रुत सिद्धान्त जू गुरु निर्ग्रथ महंत मुकतिपुर-पंथ जू । तीन रतन जगमाँहिं सु "ये भवि ध्याइये, तिनकी भक्ति प्रसाद परम पद पाइये ॥ दोहा पूजों पद अरहंत के, पूजों गुरुपद सार । पूजों देवी…

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