चैतन्य के दर्पण में, आनंद के आलय में…Jain Bhajan

"चैतन्य के दर्पण में, आनंद के आलय में" एक गहन आध्यात्मिक अनुभूति से ओत-प्रोत जैन भजन है, जो हमें अपनी भीतर स्थित शाश्वत चैतन्य शक्ति और परम आनंद के स्रोत से मिलन कराता है। इस भजन में साधक स्वयं को…

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रोम-रोम पुलकित हो जाय, जब जिनवर के दर्शन पाय…Jain Bhajan

"रोम-रोम पुलकित हो जाय, जब जिनवर के दर्शन पाय" एक अत्यंत भावनात्मक Jain Bhajan है जो उस अनुपम आनंद की अनुभूति को व्यक्त करता है, जब भक्त को जिनेंद्रदेव के दर्शन प्राप्त होते हैं। यह भजन हमें जिनेंद्र भगवान के…

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Bhagwan Mahaveer (Bhajan)

प्रभु वीर ने मुक्ति का पथ दिखाया पथ को हमने ही पंथ बनाया पथ के ऊपर एक बिंदु लगाया बिंदु में उलझे, सिंधु भुलाया इस पंथवाद ने हमें कहाँ तक पहुँचाया किससे जीते हम? हमने किसे हराया? हमने किसे हराया?…

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