प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार… Bhajan

तर्ज - भर दो झोली मेंरी...  प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार। पांच पदों के पैतीस अक्षर, भव-भव के काँटे चक्कर ...   इसमें गर्भित है सारा आगमसर, इसके जपने से होता है भव पार।…

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