रत्नत्रय पूजा – RATNATRAYA POOJA
कविश्री द्यानतराय (दोहा) चहुँगति-फनि-विष-हरन-मणि, दु:ख-पावक जल-धार | शिव-सुख-सुधा-सरोवरी, सम्यक्-त्रयी निहार || ॐ ह्रीं श्री सम्यक् रत्नत्रय धर्म! अत्र अवतर अवतर संवौषट्! (आह्वाननम्) ॐ ह्रीं श्री सम्यक् रत्नत्रय धर्म! अत्र तिष्ठ तिष्ठ ठ: ठ:! (स्थापनम्) ॐ ह्रीं श्री सम्यक् रत्नत्रय धर्म!…
