श्री पार्श्वनाथ चालीसा – Shri Parshvnath Chalisa

Shri Shankeshwar Parshvnath Jain Tirth

शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम | सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार | अहिच्छत्र और पार्श्व को, मन मन्दिर में धार || || चौपाई || पार्श्वनाथ जगत हितकारी, हो स्वामी तुम व्रत के धारी | सुर नर असुर करें तुम सेवा, तुम ही सब देवन के देवा | तुमसे करम शत्रु भी हारा, तुम कीना जग का निस्तारा | अश्वसैन … Read more

श्री मल्लिनाथ चालीसा – Shri Mallinath Chalisa

bhagwan mallinath

Shri Mallinath Chalisa मोहमल्ल मद-मर्दन करते, मन्मथ दुर्द्धर का मद हरते ।। धैर्य खड्ग से कर्म निवारे, बालयति को नमन हमारे ।। बिहार प्रान्त ने मिथिला नगरी, राज्य करें कुम्भ काश्यप गोत्री ।। प्रभावती महारानी उनकी, वर्षा होती थी रत्नों की ।। अपराजित विमान को तजकर, जननी उदर वसे प्रभु आकर ।। मंगसिर शुक्ल एकादशी … Read more