शास्त्र स्वाध्याय का मंगलाचरण – Shastra Mangalacharan

ॐ नमः सिद्धेभ्यः ॐ जय जय जय नमोऽस्तु ! नमोऽस्तु !! नमोऽस्तु !!! णमो अरहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं। णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं ।। ॐ कारं बिन्दुसंयुक्तं, नित्यं ध्यायन्ति योगिनः । कामदं मोक्षदं चैव, ॐकाराय नमो नमः ।। अविरल…

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मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं – Bhajan

मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं, मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं ॥ मैं हूं अपने में स्वयं पूर्ण, पर की मुझमें कुछ गंध नहीं । मैं अरस, अरूपी, अस्पर्शी, पर से कुछ भी सम्बन्ध नहीं ॥ मैं रंग-राग से भिन्न भेद से, भी…

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प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार… Bhajan

तर्ज - भर दो झोली मेंरी...  प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार। पांच पदों के पैतीस अक्षर, भव-भव के काँटे चक्कर ...   इसमें गर्भित है सारा आगमसर, इसके जपने से होता है भव पार।…

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अमृत से गगरी भरो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे.. Bhajan

(तर्ज - महलो का राजा मिला, के रानी बेटी राज करेगी...) अमृत से गगरी भरो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे। खुशी-खुशी मिल के चलो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे। टेक॥ सब साथी मिल कलश सजाओ, मङ्गलकारी गीत सुनाओ; मन में…

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Bhagwan Mahaveer (Bhajan)

प्रभु वीर ने मुक्ति का पथ दिखाया पथ को हमने ही पंथ बनाया पथ के ऊपर एक बिंदु लगाया बिंदु में उलझे, सिंधु भुलाया इस पंथवाद ने हमें कहाँ तक पहुँचाया किससे जीते हम? हमने किसे हराया? हमने किसे हराया?…

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तुम से लागी लगन (Bhajan)

Jain Bhajan Tum se Lagi Lagan तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा || निशदिन तुमको जपूँ, पर से नेह तजूँ, जीवन सारा, तेरे चरणों में बीत हमारा ||टेक|| अश्वसेन के राजदुलारे,…

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मेरे सर पर रख दो भगवन (भजन)

मेरे सर पर रख दो भगवन, अपने ये दोनों हाथ, देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ ॥ मेरे सर पर रख दो भगवन, अपने ये दोनों हाथ, देना हो तो दीजिये, जनम-जनम का साथ ॥ सूना है हमने शरणागत…

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श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा – Nakoda Bhairav Chalisa

श्री नाकोड़ा भैरव चालीसा पार्श्वनाथ भगवान की, मूरत चित बसाए ॥ भैरव चालीसा लिखू, गाता मन हरसाए ॥ नाकोडा भैरव सुखकारी, गुण गाये ये दुनिया सारी ॥ भैरव की महिमा अति भारी, भैरव नाम जपे नर  नारी ॥ जिनवर के…

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Shri Abhinandan Nath Chalisa – श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा

Shri Abhinandan Nath Chalisa ऋषभ – अजित – सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम – मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें अभिनन्दन ।। अयोध्या नगरी अती सुंदर, करते राज्य भूपति संवर ।। सिद्धार्था उनकी महारानी, सूंदरता में…

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Tumse Lagi Lagan (Bhajan)

Jain Bhajan तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा || निशदिन तुमको जपूँ, पर से नेह तजूँ, जीवन सारा, तेरे चरणों में बीत हमारा ||टेक|| अश्वसेन के राजदुलारे, वामा देवी के सुत…

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समाधि भक्ति पाठ (तेरी छत्र छाया)

समाधि भक्ति तेरी छत्रच्छाया भगवन्! मेरे शिर पर हो। मेरा अन्तिम मरणसमाधि, तेरे दर पर हो॥ जिनवाणी रसपान करूँ मैं, जिनवर को ध्याऊँ। आर्यजनों की संगति पाऊँ, व्रत-संयम चाहू ॥ गुणीजनों के सद्गुण गाऊँ, जिनवर यह वर दो। मेरा अन्तिम…

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