जिन शान्तिधारा || Shantidhara

ओं ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं अर्हं वं मं हं सं तं पं वंवं मंमं हंहं संसं तंतं पंपं झंझं झ्वीं झ्वीं क्ष्वीं क्ष्वीं द्रां द्रां द्रीं द्रीं द्रावय-द्रावय नमोऽर्हते भगवते श्रीमते ओं ह्रीं क्रों अस्माकं पापं खण्डय खण्डय जहि-जहि दह-दह…

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माघनन्दिमुनिकृताभिषेक-पाठ

https://youtu.be/YHgyn9VmKdU श्रीमन्नतामरशिरस्तट-रत्न-दीप्ति-तोयावभासि-चरणाम्बुज-युग्ममीशम् अर्हन्तमुन्नत-पद-प्रदमाभिनम्य, तन्मूर्तिषूद्यदभिषेक-विधिं करिष्ये ॥१॥अथ पौर्वाह्णिकदेव-वन्दनायां पूर्वाचार्यानुक्रमेण सकलकर्मक्षयार्थं भावपूजा- वन्दनास्तव-समेतं श्रीपञ्चगुरुभक्ति-पुरस्सरं कायोत्सर्गं करोम्यहम् ( यह पढ़कर नौ बार णमोकार मंत्र पढ़ें)याः कृत्रिमास्तदितराः प्रतिमा जिनस्य, संस्नापयन्ति पुरुहूत-मुखादयस्ताः । सद्भाव-लब्धि समयादि-निमित्तयोगात्, तत्रैवमुज्ज्वलधिया कुसुमं क्षिपामि ||२|| (यह पढ़कर थाली में पुष्पाञ्जलि छोड़कर…

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णामोकार महामंत्र पूजा || Namokar MahaMantra Puja

https://youtu.be/GpzCi6coTdE आर्यिका ज्ञानमति माता जी गीता छन्दअनुपम अनादि अनंत है, यह मंत्रराज महान् है |सब मंगलों में प्रथम मंगल, करता अघ की हान है ||अरिहन्त सिद्धाचार्य पाठक, साधुओं की वंदना |इस शब्दमय परब्रह्म को, थापूँ करूँ नित अर्चना ||१||  …

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देव शास्त्र गुरु पूजा – 1 || Dev Shastra Guru Puja

जिनगीतिका शुचि ध्यान से  त्रेसठ  प्रकृति  हन,  वीतरागी हो गये, दृग ज्ञान सुख वीरज चतुष्टय, गुण अनंत  निजी  लिये। तीर्थेश बन उपदेश दे, अनगिन भविक निज सम किये, जिनदेव  श्रुत  गुरु  बोध  डालो, आज  मेरे  भी  हिये ॥ ओं ह्रीं…

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श्री देव शास्त्र गुरु पूजा || Dev Shastra Guru Pooja

Jain Pooja Dev Shastra Guru केवल-रवि किरणों से जिसका, सम्पूर्ण प्रकाशित है अन्तर, उस श्री जिनवाणी में होता, तत्त्वों का सुंदरतम दर्शन । सद्दर्शन-बोध-चरण-पथ पर, अविरल जो बढ़ते हैं मुनिगण, उन देव परम आगम गुरु को, शत शत वंदन शत…

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देवशास्त्र गुरु पूजन(प्रथम देव अरहंत) || Dev Shastra Guru Pujan

पं. द्यानतराय अडिल्ल प्रथम देव अरहंत सुश्रुत सिद्धान्त जू गुरु निर्ग्रथ महंत मुकतिपुर-पंथ जू । तीन रतन जगमाँहिं सु "ये भवि ध्याइये, तिनकी भक्ति प्रसाद परम पद पाइये ॥ दोहा पूजों पद अरहंत के, पूजों गुरुपद सार । पूजों देवी…

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दर्शन-स्तुति (प्रभु पतित-पावन) || Darshan Stuti

कविवर बुधजन प्रभु पतित-पावन मैं अपावन चरन आयो सरन जी, यों विरद आप निहार स्वामी मेंट जामन मरन जी। तुम ना पिछान्यो आन मान्यो देव विविध प्रकार जी, या बुद्धि सेती निज न जान्यो भ्रम गिन्यो हितकार जी ॥१॥ भव-विकट-वन…

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दर्शन पच्चीसी(तुम निरखत) || Darshan Pacchisi

तुम निरखत मोकों मिली, मेरी सम्पति आज। कहाँ चक्रवति-संपदा कहाँ स्वर्ग-साम्राज ॥१॥ तुम वन्दत जिनदेव जी, नित नव मंगल होय। विघ्न कोटि ततछिन टरैं, लहहि सुजस सब लोय ॥२॥ तुम जाने बिन नाथ जी, एक स्वास के माँहि। जन्म-मरण अठदस…

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Mangal Gaan || मंगल गान(आचार्य श्री विधासागर द्वारा रचित)

मंगल गान (आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी द्वारा रचित) हे ! शान्त सन्त अरहन्त अनन्त ज्ञाता, हे ! शुद्ध-बुद्ध जिन सिद्ध अबद्ध धाता। आचार्यवर्य उवझाय सुसाधु सिन्धु, मैं बार-बार तुम पाद - पयोज बन्दूँ ।। १॥ है मूलमंत्र नवकार सुखी…

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दर्शन – स्तुति (अति पुण्य) || Darshan Stuti

सखी अति पुण्य उदय मम आया, प्रभु तुमरा दर्शन पाया। अब तक तुमको बिन जाने, दुख पाये निज गुण हाने। हरिगीतिका पाये अनन्ते दुःख अब तक, जगत को निज जानकर। सर्वज्ञ भाषित जगत हितकर, धर्म नहिं पहिचान कर॥ भव बंधकारक…

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दर्शन पाठ(दर्शनं देवदेवस्य) || Darshan Paath Sanskrit

दर्शनं  देवदेवस्य  दर्शनं  पापनाशनम् दर्शनं स्वर्गसोपानं दर्शनं मोक्षसाधनम् ||१|| दर्शनेन  जिनेन्द्राणां  साधूनां  वन्दनेन च। न चिरं तिष्ठते पापं, छिद्रहस्ते यथोदकम् ॥२॥ वीतराग  मुखं  दृष्ट्वा,  पद्म-राग-  समप्रभम्। जन्म-जन्म कृतं पापं, दर्शनेन विनश्यति ||३|| दर्शनं  जिनसूर्यस्य,  संसारध्वान्त- नाशनम्। बोधनं चित्तपद्मस्य, समस्तार्थ- प्रकाशनम्…

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णमोकार महामन्त्र || Namokar Mantra in Hindi Meaning

Namokar Mantra Hindi Meaning णमो अरहंताणं, णमो सिद्धाणं णमो आइरियाणं। णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं॥ 'चत्तारि मंगलं अरहंत मंगलं सिद्ध मंगलं साहु मंगलं केवलिपण्णत्तो धम्मो मंगलं। चत्तारि लोगुत्तमा अरहंत लोगुत्तमा सिद्ध लोगुत्तमा साहु लोगुत्तमा केवलिपण्णत्तो धम्मो लोगुत्तमो। चत्तारि सरणं पव्वज्जामि…

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