Jinvani Stuti जिनवाणी स्तुति
जिनवाणी स्तुति जैन धर्म की पवित्र वाणी के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का माध्यम है। इसमें जिनवाणी को सत्य, ज्ञान, और मोक्ष का मार्गदर्शन करने वाली परम पवित्र…
जिनवाणी स्तुति जैन धर्म की पवित्र वाणी के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का माध्यम है। इसमें जिनवाणी को सत्य, ज्ञान, और मोक्ष का मार्गदर्शन करने वाली परम पवित्र…
तुम तरणतारण भवनिवारण भविक मन आनन्दनो। श्रीनाभिनन्दन जगतवंदन आदिनाथ निरञ्जनो॥१॥ तुम आदिनाथ अनादि सेऊँ सेय पद पूजा करूँ। कैलाशगिरि पर रिषभ जिनवर पदकमल हिरदै धरूं॥२॥ तुम अजितनाथ अजीत जीते अष्टकर्म…
प्रातः कालीन स्तुति वीतराग सर्वज्ञ हितङ्कर, भविजन की अब पूरी आश।ज्ञानभानु का उदय करो मम, मिथ्यातम का होय विनाश।।जीवों की हम करुणा पाल, झूठ वचन नहि कह कदा। परधन कबहूँ…
श्री 108 साध्य सागर जी महाराज द्वारा रचित मुनि श्री 108 साध्य सागर जी महाराज का जन्म 1987 को मध्य प्रदेश के उज्जैन मे हुआ था। महाराज जी ने बहुत…
णमोकार मंत्र चालीसा जैन धर्म के परम पवित्र मंत्र, णमोकार मंत्र, की महिमा और प्रभाव को विस्तार से समझाने वाला एक स्तोत्र है। यह चालीसा भगवान, आचार्य, उपाध्याय, और साधुओं…
श्री पद्मावती माता चालीसा जैन धर्म में पूज्य देवी पद्मावती देवी को समर्पित एक भक्ति भजन है। उन्हें जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की रक्षक देवी (यक्षिणी) माना…
श्री बड़े बाबा(आदिनाथ भगवान), जिनकी दिव्य प्रतिमा कुण्डलपुर (मध्य प्रदेश) में स्थापित है, दिगंबर जैन समाज के श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। उनकी भव्यता, तेजस्विता और आत्मिक ऊर्जा से…
Shri Abhinandan Nath Chalisa ऋषभ – अजित – सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम – मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें अभिनन्दन ।। अयोध्या नगरी अती सुंदर,…