भगवान अरनाथ(Arnath)
तीर्थंकर भगवान अरनाथ(Arnath) का जीवन परिचय केवल ज्ञान की प्राप्ति भगवान अरनाथ का इतिहास भगवान का चिन्ह – उनका चिन्ह मछली है। जन्म स्थान – हस्तिनापुर (जि. मेरठ) जन्म कल्याणक – मगसिर शु.१४ केवल ज्ञान स्थान – कार्तिक शु. १२, सहेतुक…
तीर्थंकर भगवान अरनाथ(Arnath) का जीवन परिचय केवल ज्ञान की प्राप्ति भगवान अरनाथ का इतिहास भगवान का चिन्ह – उनका चिन्ह मछली है। जन्म स्थान – हस्तिनापुर (जि. मेरठ) जन्म कल्याणक – मगसिर शु.१४ केवल ज्ञान स्थान – कार्तिक शु. १२, सहेतुक…
तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ का जीवन परिचय मल्लिनाथ जी(Bhagwan Mallinath) उन्नीसवें तीर्थंकर है। जिन धर्म भारत का प्राचीन सम्प्रदाय हैं जैन धर्म के उन्नीसवें तीर्थंकर भगवान श्री मल्लिनाथ जी का जन्म मिथिलापुरी के इक्ष्वाकुवंश में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी को अश्विन नक्षत्र…
तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का जीवन परिचय नमिनाथ जी(Bhagwan Naminath) जैन धर्म के इक्कीसवें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म मिथिला के इक्ष्वाकुवंशीय क्षत्रिय राजपरिवार में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अश्विनी नक्षत्र में हुआ था। इनकी माता का…
तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जीवन परिचय भगवान श्री अरिष्टनेमी(Bhagwan Neminath) अवसर्पिणी काल के बाईसवें तीर्थंकर हुए। इनसे पूर्व के इक्कीस तीर्थंकरों को प्रागैतिहासिककालीन महापुरुष माना जाता है। आधुनिक युग के अनेक इतिहास विज्ञों ने प्रभु अरिष्टनेमि को एक ऐतिहासिक महापुरुष…
Shri Vasupujya Chalisa बासु पूज्य महाराज का चालीसा सुखकार । विनय प्रेम से बॉचिये करके ध्यान विचार । जय श्री वासु पूज्य सुखकारी, दीन दयाल बाल ब्रह्मचारी । अदभुत चम्पापुर राजधानी, धर्मी न्यायी ज्ञानी दानी । वसू पूज्य यहाँ के…
तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जीवन परिचय मुनिसुव्रतनाथ(Bhagwan Munisubratnath) या मुनिसुव्रत जैन धर्म के २० वें तीर्थंकर माने गए हैं। उनके पिता का नाम सुमित्र और माता का नाम पद्यावती था। ये भगवान राम के समकालीन माने गये हैं। उनका जन्म…
तीर्थंकर भगवान धर्मनाथ का जीवन परिचय पूर्व धातकीखंडद्वीप के पूर्व विदेहक्षेत्र में नदी के दक्षिण तट पर एक वत्स नाम का देश है, उसमें सुसीमा नाम का महानगर है। वहाँ पर राजा दशरथ राज्य करता था। एक बार वैशाख शुक्ला…
तीर्थंकर भगवान अनन्तनाथ का जीवन परिचय धातकीखंडद्वीप के पूर्व मेरू से उत्तर की ओर अरिष्टपुर नगर में पद्मरथ राजा राज्य करता था। किसी दिन उसने स्वयंप्रभ जिनेन्द्र के समीप जाकर वंदना-भक्ति आदि करके धर्मोपदेश सुना और विरक्त हो दीक्षा ले…
तीर्थंकर भगवान विमलनाथ का जीवन परिचय रानी जयश्यामा ने ज्येष्ठ कृ.१० के दिन उस आरणेन्द्र को गर्भ में धारण किया एवं माघ शुक्ल 4 के दिन भगवान विमलनाथ(Vimalnath) को जन्म दिया। पश्चिम धातकीखंड द्वीप में मेरू पर्वत से पश्चिम की ओर…
तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ का जीवन परिचय पुष्करवरद्वीप के पूर्वार्ध भाग में मेरू पर्वत के पूर्व विदेह में सीता नदी के दक्षिण तट पर ‘वत्स’ नाम का एक देश है, उसके सुसीमा नगर में पद्मगुल्म नाम का राजा रहता था। किसी…
तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का जीवन परिचय इस जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र में चम्पानगर में ‘अंग’ नाम का देश है जिसका राजा वसुपूज्य(Vasupujya) था और रानी जयावती थी। आषाढ़ कृष्ण षष्ठी के दिन रानी ने पूर्वोक्त इन्द्र को गर्भ में धारण…
तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ का जीवन परिचय Bhagwan Shrayanshnath श्रेयांसनाथ, जैन धर्म में वर्तमान अवसर्पिणी काल के ११वें तीर्थंकर थे। श्रेयांसनाथ जी के पिता का नाम विष्णु और माता का वेणुदेवी था। उनका जन्मस्थान सिंहपुर(वाराणसी) और निर्वाणस्थान संमेदशिखर माना जाता है।…