दसलक्षण पर्व – उत्तम क्षमा धर्म🙏 Uttam Kshama Dharma

Uttam Kshama Dharma संसार में प्रत्येक मानव प्राणी के लिए क्षमा रूपी शास्त्र इतना आवश्यक है कि जिनके पास यह क्षमा नहीं होती वह मनुष्य संसार में अपने इष्ट कार्य की सिद्धि नहीं कर सकता है। 🕊️ उत्तम क्षमा धर्म…

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दसलक्षण पर्व – उत्तम मार्दव धर्म🙏 Uttam Mardav Dharma

🌿 उत्तम मार्दव धर्म का अर्थ "Uttam Mardav Dharma" का अर्थ है — मृदुता, विनम्रता, अहंकार से रहित भाव।उत्तम मार्दव वह गुण है, जिसमें व्यक्ति अपने ज्ञान, धन, शक्ति या स्थिति के कारण घमंड नहीं करता और सभी के साथ…

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Dus Lakshan Parva दस लक्षण पर्व क्या है?

दस लक्षण पर्व जैनियों द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। दिगंबर परंपरा में, दस प्रमुख गुण, दशलक्षण धर्म, 10 दिनों तक मनाया जाता है, जो श्वेतांबर परंपरा में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन संवत्सरी से शुरू होता है। भाद्रपद सूद…

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भगवान आत्मा आनंद भंडार चेतन उस पर दृष्टि कर…Jain Bhajan

इस भजन भगवान आत्मा आनंद भंडार चेतन उस पर दृष्टि कर. में साधक अपनी आत्मा में स्थित अनंत आनंद के सागर की ओर अपनी दृष्टि केंद्रित करने का आग्रह करता है। संसार के बाहरी आकर्षण से हटकर भीतर उतरना और…

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मेरे महावीर झूले पलना… Bhajan

बिल्कुल! "मेरे महावीर झूले पलना" एक अत्यंत मधुर और श्रद्धापूर्ण जैन भजन है, जो भगवान महावीर स्वामी के प्रति भक्त के स्नेह और वात्सल्य भाव को दर्शाता है। इस भजन में भक्त, भगवान महावीर को पालना झुलाकर उनके बाल रूप…

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दुनिया से में हारी, तो आयी तेरे द्वार… Jain Bhajan

"दुनिया से मैं हारी, तो आयी तेरे द्वार" एक प्रसिद्ध जैन भजन है, जो संसार के दुख-दर्द से थके मन की पुकार है। इस भजन में साधक हृदय से स्वीकार करता है कि संसार के मोह, माया और संघर्ष में…

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भक्ति बेकरार है आनंद अपार है – Jain Aarti

"भक्ति बेकरार है, आनंद अपार है" एक भावपूर्ण जैन आरती है, जो भक्त के हृदय में उमड़ती गहन श्रद्धा और प्रेम की अभिव्यक्ति है। इस आरती में साधक प्रभु के चरणों में अपनी भक्ति और समर्पण अर्पित करते हुए अनुभव…

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मैं क्या… मेरा अस्तित्व क्या – Jain Bhajan

"मैं क्या... मेरा अस्तित्व क्या" एक गहन आत्मचिंतन से परिपूर्ण जैन भजन है, जो साधक को भीतर झाँकने और अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। इस भजन में अहंकार, देह-भाव, और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर, आत्मा…

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भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना – Jain Bhajan

"भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना" एक भावपूर्ण जैन भजन है, जो सच्चे हृदय से प्रभु के चरणों में समर्पण और प्रार्थना को दर्शाता है। इस भजन में साधक सांसारिक सागर में फंसी अपनी आत्मा के लिए प्रभु से…

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चैतन्य के दर्पण में, आनंद के आलय में…Jain Bhajan

"चैतन्य के दर्पण में, आनंद के आलय में" एक गहन आध्यात्मिक अनुभूति से ओत-प्रोत जैन भजन है, जो हमें अपनी भीतर स्थित शाश्वत चैतन्य शक्ति और परम आनंद के स्रोत से मिलन कराता है। इस भजन में साधक स्वयं को…

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है सीमंधर भगवान शरण ली तेरी… Jain Bhajan

"है सीमंधर भगवान, शरण ली तेरी" एक हृदयस्पर्शी जैन भजन है, जो वर्तमान तीर्थंकर श्री सीमंधर स्वामी के चरणों में गहरी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करता है। इस भजन में साधक, प्रभु सीमंधर स्वामी के पावन आश्रय में आकर संसार…

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ज्ञान सम्यक मेरा हो गया – Jain Bhajan

"ज्ञान सम्यक मेरा हो गया" एक अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायी जैन भजन है, जो साधक के हृदय में सम्यक ज्ञान के उदय से उत्पन्न आनंद, शांति और विवेक को अभिव्यक्त करता है। इस भजन में भक्त अनुभव करता है कि…

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