भगवान आदिनाथ की आरती – Bhagwan Aadinath ki Aarti

Siddhapuja hirachand

ओम् जय आदिनाथ देवा, स्वामी आदिनाथ देवा।
सुर नर किन्नर ऋषिगण, करते तब सेवा।। ओम् जय०

नगर अयोध्या जन्म लिया प्रभु, वैभव था भारी।
नाभिराय पितु माँ मरु देवी, तुम भव दुख हारी।। ओम् जय०

धनुष पांच सौ काय आपकी, स्वर्ण वर्णधारी।
प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव तुम हो जग अघहारी।। ओम् जय०

वीतराग निर्ग्रथ भये तुम, तप कीना भारी।
वर्ष सहत तप के प्रभाव से मिली मुक्ति नारी।। ओम् जय०

गौमुख यक्ष यक्षी चक्रेश्वरी, तव मंगल गाये।
अक्षय तरु तल ध्यान लीन हो, तुम केवल पाये। ओम् जय०

माघ कृष्ण शुभ चतुर्दशी को हुए मुक्ति स्वामी।
धन्य हुआ कैलाश शिखर प्रभु, तुम अन्तर्यामी। ओम् जय०

ऋषभ देव की आरती पढ़े सुने जो कोय।
दुख संकट सारे टरै, क्रम से शिव सुख होय।। ओम् जय०

*****

ये भी पढे – Bhaktamar Stotra Hindi

ये भी पढे – श्रीमन्मानतुङ्गाचार्य Bhaktamar Stotra Lyrics

Note

Jinvani.in मे दिए गए सभी स्तोत्र, पुजाये, आरती आदि, भगवान आदिनाथ की आरती जिनवाणी संग्रह संस्करण 2022 के द्वारा लिखी गई है, यदि आप किसी प्रकार की त्रुटि या सुझाव देना चाहते है तो हमे Comment कर बता सकते है या फिर Swarn1508@gmail.com पर eMail के जरिए भी बता सकते है।

Swarn Jain

My name is Swarn Jain, A blog scientist by the mind and a passionate blogger by heart ❤️, who integrates my faith into my work. As a follower of Jainism, I see my work as an opportunity to serve others and spread the message of Jainism.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.