nirvan kand

मेरे महावीर झूले पलना… Bhajan

बिल्कुल! “मेरे महावीर झूले पलना” एक अत्यंत मधुर और श्रद्धापूर्ण जैन भजन है, जो भगवान महावीर स्वामी के प्रति भक्त के स्नेह और वात्सल्य भाव को दर्शाता है। इस भजन में भक्त, भगवान महावीर को पालना झुलाकर उनके बाल रूप में दर्शन करने की अभिलाषा प्रकट करता है, जैसे एक माँ अपने बच्चे को स्नेह से झुलाती है।

यह भजन हमारी भक्ति में ममत्व, प्रेम और श्रद्धा के सुंदर भाव जगाता है तथा भगवान के जन्मोत्सव या अन्य पावन अवसरों पर गाया जाता है। इस मधुर रचना से हृदय में करुणा, आनंद और भक्ति का संचार होता है, जो साधकों को भगवान महावीर के चरित्र से गहराई से जोड़ता है।

मेरे महावीर झूले पलना, सन्मति वीर झूले पलना

काहे को प्रभु को बनो रे पालना, काहे के लागे फुंदना

रत्नों का पलना मोतियों के फुंदना, जगमग कर रहा अंगना

ललना का मुख निरख के भूले, सूरज चाँद निकलना ॥१॥

मेरे महावीर झूले पलना…

कौन प्रभु को पलना झुलावे, कौन सुमंगल गावे

देवीयां आवें पलना झुलावे, देव सुमन बरसावें 

पालनहारे पलना झूले, बन त्रिशला के ललना ॥२॥

मेरे महावीर झूले पलना…

त्रिशला रानी मोदक लावे, सिद्धारथ हर्षावें 

मणि-मुक्ता और सोना-रूपा दोनों हाथ उठावें 

कुण्डलपुर से आज स्वर्ग का स्वाभाविक है जलना ॥३॥

मेरे महावीर झूले पलना…

निर्मल नैना निर्मल मुख पर, निर्मल हास्य की रेखा

यह निर्मल मुखड़ा सुरपति ने सहस नयन कर देखा

निर्मल प्रभु का दर्श किये बिन भाव होय निर्मल ना ॥

मेरे महावीर झूले पलना…

golden divider 2

Note

Jinvani.in मे दिए गए सभी Jain Bhajan – मेरे महावीर झूले पलना स्तोत्र, पुजाये और आरती जिनवाणी संग्रह के द्वारा लिखी गई है, यदि आप किसी प्रकार की त्रुटि या सुझाव देना चाहते है तो हमे Comment कर बता सकते है या फिर Swarn1508@gmail.com पर eMail के जरिए भी बता सकते है। 

sahi mutual fund kaise chune

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

jain Mandir dharmshala
Scroll to Top