Jain Muni Tarun Sagar Ji Maharaj

सुख आते है दुःख आते है… Jain Bhajan

“सुख आते हैं दुःख आते हैं” एक जैन भजन है, यह भजन हमें सिखाता है कि सुख और दुःख दोनों ही जीवन का हिस्सा हैं — न तो सुख में अति उत्साह और अहंकार करना चाहिए, और न ही दुःख में टूटकर हार माननी चाहिए।

सुख आते हैं दुःख आते हैं भजन की पंक्तियाँ आत्मा को जाग्रत कर यह समझाने का प्रयास करती हैं कि इन दोनों अवस्थाओं में भी हमें समता, संयम और संतुलन बनाए रखना चाहिए। जैन दर्शन के अनुसार, सुख-दुःख कर्मों का फल हैं।

Talking jinvani

इस Jain Bhajan के माध्यम से साधक अपने हृदय में धैर्य, आशा और आध्यात्मिक स्थिरता का संचार करता है, जिससे वह जीवन की हर परिस्थिति में शांत और स्थिर बना रह सके।

सुख आते है दुःख आते है

सुख आते है दुःख आते है, इन आते जाते सुख दुख में हम मस्त रहते है

हम मस्त रहते है, अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है || टेक ||

कभी मान मिला जी भर भर के, अपमान हुआ जी भर भर के

इस मान अपमान के खेल में हम मस्त रहते है, हम मस्त रहते है

अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है ||१||

सुख आते है दुःख आते है… 

माँ जिनवाणी यह समझाती, निज आतम वैभव दिखलाती

सब द्रव्य अपने में रहते है और मस्त रहते है, हम मस्त रहते है

Talking jinvani

अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है ||२||

सुख आते है दुःख आते है…

गाते गाते फकीरा कह जाता, कोई पैदा हुआ कोई मर जाता

इस जनम मरण के खेल में हम मस्त रहते है, हम मस्त रहते है

Talking jinvani

अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है ||३||

सुख आते है दुःख आते है…

गुरु ज्ञान पिटारा खोला है, ये जग सारा एक मेला है

क्षण क्षण बदलते सुख दुःख में हम मस्त रहते है,

हम मस्त रहते है, अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है ||४||

सुख आते है दुःख आते है…

यही तो जीना भाई जीना है, विष छोड़ दिया अमृत पीना है

हम अमृत पीते रहते है और मस्त रहते है, हम मस्त रहते है

अज्ञानी रोते रहते है ज्ञानी समता रखते है ||५||

सुख आते है दुःख आते है…

Talking jinvani

Note

Jinvani.in मे दिए गए सभी Jain Bhajan – सुख आते है दुःख आते है स्तोत्र, पुजाये और आरती जिनवाणी संग्रह के द्वारा लिखी गई है, यदि आप किसी प्रकार की त्रुटि या सुझाव देना चाहते है तो हमे Comment कर बता सकते है या फिर Swarn1508@gmail.com पर eMail के जरिए भी बता सकते है। 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top