श्री विमलनाथ चालीसा – Shri Vimalnath Chalisa
श्री विमलनाथ चालीसा सिद्ध अनन्तानन्त नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय ।। विमलप्रभु क्री विमल भक्ति कर, चरण कमल में शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठों कर्म…
श्री विमलनाथ चालीसा सिद्ध अनन्तानन्त नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय ।। विमलप्रभु क्री विमल भक्ति कर, चरण कमल में शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठों कर्म…
श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु…
Shri Sambhavnath Chalisa श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनराय ।। जगतपूज्य श्री सम्भव स्वामी । तीसरे तीर्थकंर…
श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठि को । लिखूँ श्रेयान्सनाथ – चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयान्सनाथ श्रुतज्ञायक हो, जय उत्तम…
श्री पार्श्वनाथ चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर *भगवान पार्श्वनाथ* की महिमा, करुणा और तप के गुणों का स्तुतिगान है। यह चालीसा भक्तों को आंतरिक शांति, सद्गुणों का विकास और…
Shri Aadinath Chalisa Lyrics शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करुं प्रणाम | उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम || सर्व साधु और सरस्वती जिन मन्दिर सुखकार | आदिनाथ भगवान को मन…
तीर्थंकर भगवान शान्तिनाथ का जीवन परिचय शांतिनाथ(Shantinath) का जन्म ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन हुआ था। तब भरणी नक्षत्र था। उनके पिता का नाम विश्वसेन था, जो हस्तिनापुर के राजा…
भगवान पार्श्वनाथ का जीवन परिचय भगवान पार्श्वनाथ(Parshvanath) जैन धर्म के तेइसवें (23वें) तीर्थंकर हैं। तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म आज से लगभग 2 हजार 9 सौ वर्ष पूर्व वाराणसी के भेलूपुर…