चौबीसों भगवान की आरती – Chaubeeson Bhagwan ki Aarti
करहूं आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे; कर दो भव से पार लगा दो नैया किनारे, ऋषभ अजित सम्भव जिन स्वामी; अभिनन्दन भगवान लगा दो नैया किनारे, सुमति पद्म सुपार्श्व जिन…
करहूं आरती आज जिनेश्वर तुम्हरे द्वारे; कर दो भव से पार लगा दो नैया किनारे, ऋषभ अजित सम्भव जिन स्वामी; अभिनन्दन भगवान लगा दो नैया किनारे, सुमति पद्म सुपार्श्व जिन…
इहविधि मंगल आरती कीजै, पंच परमपद भज सुख लीजै।। टेक। पहली आरती श्री जिनराजा, भवदधि पार उतार जिहाजा।। इहविधि मंगल आरती कीजै, पंच परमपद भज सुख लीजै।। दूसरी आरती सिद्धन…
श्री विमलनाथ चालीसा सिद्ध अनन्तानन्त नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय ।। विमलप्रभु क्री विमल भक्ति कर, चरण कमल में शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठों कर्म…
श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु…
Shri Sambhavnath Chalisa श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनराय ।। जगतपूज्य श्री सम्भव स्वामी । तीसरे तीर्थकंर…
श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठि को । लिखूँ श्रेयान्सनाथ – चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयान्सनाथ श्रुतज्ञायक हो, जय उत्तम…
कवि श्री मनरंगलाल (छप्पय छन्द) प्रथम नाम श्रीमन्व दुतिय स्वरमन्व ऋषीश्वर | तीसर मुनि श्रीनिचय सर्वसुन्दर चौथो वर || पंचम श्रीजयवान विनयलालस षष्ठम भनि | सप्तम जयमित्राख्य सर्व चारित्र-धाम गनि…
जिसने राग-द्वेष कामादिक, जीते सब जग जान लिया सब जीवों को मोक्ष मार्ग का निस्पृह हो उपदेश दिया, बुद्ध, वीर जिन, हरि, हर ब्रह्मा या उसको स्वाधीन कहो भक्ति-भाव से…