Shri Dharamnath Chalisa – श्री धर्मनाथ चालीसा
श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु…
श्री धर्मनाथ चालीसा उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु…
श्री अजितनाथ चालीसा श्री आदिनाथ को शिश नवा कर, माता सरस्वती को ध्याय । शुरू करूँ श्री अजितनाथ का, चालीसास्व – सुखदाय ।। जय श्री अजितनाथ जिनराज । पावन चिह्न…
Shri Sambhavnath Chalisa श्री जिनदेव को करके वंदन, जिनवानी को मन में ध्याय । काम असम्भव कर दे सम्भव, समदर्शी सम्भव जिनराय ।। जगतपूज्य श्री सम्भव स्वामी । तीसरे तीर्थकंर…
श्री श्रेयान्सनाथ चालीसा निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठि को । लिखूँ श्रेयान्सनाथ – चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयान्सनाथ श्रुतज्ञायक हो, जय उत्तम…
श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा लोक शिखर के वासी है प्रभु, तीर्थंकर सुपार्श्व जिनराज ।। नयन द्वार को खोल खडे हैं, आओ विराजो हे जगनाथ ।। सुन्दर नगर वारानसी स्थित, राज्य करे…
श्री पार्श्वनाथ चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर *भगवान पार्श्वनाथ* की महिमा, करुणा और तप के गुणों का स्तुतिगान है। यह चालीसा भक्तों को आंतरिक शांति, सद्गुणों का विकास और…
Shri Sumatinath Chalisa श्री सुमतिनाथ का करूणा निर्झर, भव्य जनो तक पहूँचे झर – झर ।। नयनो में प्रभु की छवी भऱ कर, नित चालीसा पढे सब घर – घर…
भगवान महावीर चालीसा जैन धर्म में विशेष स्थान रखता है। महावीर चालीसा भगवान महावीर स्वामी के प्रति भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने वाला एक लोकप्रिय स्तोत्र है। यह चालीसा जैन धर्म…