आरती नियमित रूप से भगवान, देवी-देवताओं, गुरु, या किसी पवित्र स्थल की पूजा के साथ की जाती है। यह पूजा का अहम हिस्सा होती है जो भक्ति और श्रद्धा के साथ की जाती है।
Jain Padmavati Mata ki Aarti (रागः- जय जय आरति आदिजिणंदा..) देवी पद्मावती आरती तुमारी, मंगलकारी जय जय कारी…. देवी पद्मावती आरती तुमारी ||1|| पार्श्व प्रभु छे शिरपर ताहरे, भक्ति करंतां तुं भक्तोने तारे…. देवी पद्मावती आरती तुमारी.. ||2|| उज्जवल वर्णी मूत्ति शुं सोहे, …
पद्मावती माता की आरती पद्मावती माता, दर्शन की बलिहारियां।। टेक०।। पार्श्वनाथ महाराज विराजे मस्तक ऊपर थारे, माता मस्तक ऊपर थारे। इन्द्र, फणेन्द्र, नरेन्द्र सभी मिल, खड़े रहें नित द्वारे। हे पद्मावती माता, दर्शन की बलिहारियां।। दो बार।। जो जीव थारो…
Acharya Shree Vidyasagar Ji Maharaj दिगम्बर जैन समाज के एक अत्यंत पूजनीय और आध्यात्मिक गुरु हैं, जिनका जीवन त्याग, तपस्या और ज्ञान का प्रतीक है। उनके अद्वितीय व्यक्तित्व, गहन विचारों और समाज सेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें लाखों श्रद्धालुओं…
"भक्ति बेकरार है, आनंद अपार है" एक भावपूर्ण जैन आरती है, जो भक्त के हृदय में उमड़ती गहन श्रद्धा और प्रेम की अभिव्यक्ति है। इस आरती में साधक प्रभु के चरणों में अपनी भक्ति और समर्पण अर्पित करते हुए अनुभव…
चिंतामणि पारसनाथ भगवान की आरती ओं जय पारस देवा स्वामी जय पारस देवा ! सुर नर मुनिजन तुम चरणन की करते नित सेवा| पौष वदी ग्यारस काशी में आनंद अतिभारी, अश्वसेन वामा माता उर लीनों अवतारी| ओं जय.. श्यामवरण नवहस्त…
जय जिनवर देवा प्रभु जय जिनवर देवा| शांति विधाता शिवसुख दाता शांतिनाथ देवा ||टेक|| ऐरा देवी धन्य जगत में जिस उर आन बसे| विश्वसेन कुल नभ में मानो पूनम चन्द्र लसे ||१|| || जय जिनवर देवा || कृष्ण चतुर्दशी जेठ…
जय शांतिनाथ स्वामी, प्रभु जय शांतिनाथ स्वामी। जय शांतिनाथ स्वामी, प्रभु जय शांतिनाथ स्वामी। मन वच तन से, तुमको वन्दु (२) जय अन्तरयामी प्रभु जय अन्तरयामी जय शांतिनाथ स्वामी, प्रभु जय शांतिनाथ स्वामी। गर्भ जनम जब हुआ आपका (२) तीन…
शान्ति अपरम्पार है- आनन्द अपार है। शान्तिनाथ भगवान की आरती बारम्बार है।। शान्ति अप० पहली आरती पहले पद की, तीर्थंकर पद धारी की।। तीर्थंकर० वीतराग सर्वज्ञ हितंकर, छियालीस गुण धारी की।। छियालीस० शान्ति अपरम्पार है आनन्द अपार है। दूजी आरती…
|| शांतिनाथ भगवान की आरती || शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे| आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे| आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे| शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे| हस्तिनापुर में जनम लिये हे प्रभु देव करे जयकारा हो| जन्म महोत्सव…
रचियता - लालचन्द जी जैन (राकेश) ॐ जय आदिनाथ बाबा, स्वामी आदिनाथ बाबा। साँगानेर वाले बाबा की, देव करें सेवा।। ॐ जय....... पिता प्रभु के नाभिराय हैं, मरुदेवी माता। नगर अयोध्या जन्म लिया हैं, सुख वैभवदाता।। ॐ जय........ पंचकल्याणक हुए…
आरती करहूं जग देवन की । जय बोलो नाभि के नन्दन की। जय बोलो नाभि के नन्दन की। सांगानेर में आप बिराजे, छत्र तीन मस्तक पर छाजे; छबि सबके मन भावन की, जय बोलो नाभि के नन्दन की जय बोलो…
ओम् जय आदिनाथ देवा, स्वामी आदिनाथ देवा। सुर नर किन्नर ऋषिगण, करते तब सेवा।। ओम् जय० नगर अयोध्या जन्म लिया प्रभु, वैभव था भारी। नाभिराय पितु माँ मरु देवी, तुम भव दुख हारी।। ओम् जय० धनुष पांच सौ काय आपकी,…