भगवान सुपार्श्वनाथ(Suparshvnath)

तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ का जीवन परिचय भगवान सुपार्श्वनाथ(suparshvnath) वर्तमान अवसर्पिणी काल के सातवें तीर्थंकर थे। इनका जन्म वाराणसी के इक्ष्वाकुवंशी क्षत्रिय परिवार में हुआ था। बनारस नाम की नगरी थी उसमें सुप्रतिष्ठित…

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भगवान सुमतिनाथ(Sumatinath)

तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ का जीवन परिचय भगवान सुमतिनाथ(Sumatinath) जी वर्तमान काल के पांचवें तीर्थंकर थे। तीर्थंकर का अर्थ होता है जो तीर्थ की रचना करें, जो संसार सागर(जन्म मरण के चक्र) से…

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भगवान पद्मप्रभ(Padamprabh)

तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ का जीवन परिचय भगवान पद्मप्रभ(Padamprabh) जी वर्तमान काल के छठवें तीर्थंकर थे। तीर्थंकर का अर्थ होता है जो तीर्थ की रचना करें, जो संसार सागर(जन्म मरण के…

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श्री बड़े बाबा विधान – Shri Bade Baba Vidhan

पूज्य आर्यिका श्री विज्ञानमति माताजी कृत (दोहा) पूज्य बड़े बाबा तुम्हें, कोटि-कोटि परणाम। थुति करता हूँ चाव से, मिट जावे भव नाम ॥ (पद्धरी) जय पूज्य बड़े बाबा महान, तुम…

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निर्वाण कांड – Nirvan Kand

जैन धर्म निर्वाण कांड (दोहा) वीतराग वन्दौं सदा, भाव सहित सिर नाय| कहूं काण्ड निर्वाण की, भाषा सुगम बनाये || (चौपाई) अष्टापद आदीश्वर स्वामि, वासुपूज्य चम्पापुरि नामि| नेमिनाथ स्वामी गिरनार,…

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श्री पारसनाथ स्तोत्रं संस्कृत – Shri Parasnath Stotra

पार्श्वनाथ स्तोत्र जैन धर्म के बहुत ही प्रभावशाली स्तोत्रों में से एक है। इसकी रचना कविश्री द्यानतराय द्वारा की गई है। यह स्तोत्र भगवान पार्श्वनाथ की स्तुति में लिखा गया…

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श्री पारसनाथ जी की आरती || Parasnath Bhagwan Aarti

चिंतामणि पारसनाथ भगवान की आरती  ओं जय पारस देवा स्वामी जय पारस देवा ! सुर नर मुनिजन तुम चरणन की करते नित सेवा| पौष वदी ग्यारस काशी में आनंद अतिभारी,…

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भावना गीत – Bhavna Geet

भावना दिन-रात मेरी, सब सुखी संसार हो। सत्य संयम शील का, व्यवहार हर घर द्वार हो। भावना दिन-रात मेरी, सब सुखी संसार हो। धर्म का प्रचार हो, और देश का…

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