साधना के रास्ते, आत्मा के वास्ते चल रे राही चल – Jain Bhajan

"साधना के रास्ते, आत्मा के वास्ते चल रे राही चल..." एक अत्यंत प्रेरणादायक जैन भजन है, जो आत्मा को उसके असली लक्ष्य — मोक्ष — की ओर बढ़ने के लिए…

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जहाँ नेमी के चरण पड़े, गिरनार वो धरती है… Jain Bhajan

"जहाँ नेमी के चरण पड़े, गिरनार वो धरती है..." एक अत्यंत पवित्र और भावपूर्ण जैन भजन है, जो तीर्थराज गिरनार पर्वत और भगवान नेमिनाथ की दिव्य साधना का गौरवगान करता…

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व्हाला आदिनाथ मे तो पकडयो तारो हाथ (Jain Bhajan)

"व्हाला आदिनाथ मे तो पकड़्यो तारो हाथ..." एक अत्यंत मधुर और आत्मा को छू लेने वाला जैन भजन है, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ के प्रति श्रद्धा, समर्पण और…

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आत्मा अनंत गुणों का धनी – Jain Bhajan

"आत्मा अनंत गुणों का धनी" एक अत्यंत प्रेरणादायक जैन भजन है, जो आत्मा की वास्तविक महिमा और उसकी दिव्यता को उजागर करता है। यह भजन हमें यह स्मरण कराता है…

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Yeh Sach hai ki Navkar mai – Bhajan

(लय - ये तो सच है की भगवान है...) ये तो सच है कि नवकार में, सब मंत्रो का ही सार है -२ इसे जो भी जपे रात दिन, होता…

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मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं – Bhajan

मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं, मैं ज्ञानानंद स्वभावी हूं ॥ मैं हूं अपने में स्वयं पूर्ण, पर की मुझमें कुछ गंध नहीं । मैं अरस, अरूपी, अस्पर्शी, पर से कुछ भी…

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प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार… Bhajan

तर्ज - भर दो झोली मेंरी...  प्रथमं मंगलम मंत्र नवकार, इसके जपने से होता है भव पार। पांच पदों के पैतीस अक्षर, भव-भव के काँटे चक्कर ...   इसमें गर्भित…

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अमृत से गगरी भरो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे.. Bhajan

(तर्ज - महलो का राजा मिला, के रानी बेटी राज करेगी...) अमृत से गगरी भरो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे। खुशी-खुशी मिल के चलो, कि न्हवन प्रभु आज करेंगे। टेक॥…

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