श्री शांतिनाथ जिन पूजा – Shri Shantinaath Jin Pooja
कविश्री बख्तावरसिंह (अडिल्ल छंद) सर्वारथ सुविमान त्याग गजपुर में आये| विश्वसेन भूपाल तासु के नंद कहाये|| पंचम-चक्री भये मदन-द्वादशवें राजे| मैं सेवूँ तुम चरण तिष्ठये ज्यों दु:ख भाजे|| ॐ ह्रीं…
कविश्री बख्तावरसिंह (अडिल्ल छंद) सर्वारथ सुविमान त्याग गजपुर में आये| विश्वसेन भूपाल तासु के नंद कहाये|| पंचम-चक्री भये मदन-द्वादशवें राजे| मैं सेवूँ तुम चरण तिष्ठये ज्यों दु:ख भाजे|| ॐ ह्रीं…
अज अंक अजै पद राजै निशंक, हरे भवशंक निशंकित दाता| मदमत्त मतंग के माथे गँथे, मतवाले तिन्हें हने ज्यों अरिहाता|| गजनागपुरै लियो जन्म जिन्हौं, रवि के प्रभु नंदन श्रीमति-माता| सो…
तप तुरंग असवार धार, तारन विवेक कर| ध्यान शुकल असिधार शुद्ध सुविचार सुबखतर|| भावन सेना, धर्म दशों सेनापति थापे| रतन तीन धरि सकति, मंत्रि अनुभो निरमापे|| सत्तातल सोहं सुभटि धुनि,…
अपराजित तें आय नाथ मिथलापुर जाये| कुंभराय के नन्द, प्रभावति मात बताये|| कनक वरन तन तुंग, धनुष पच्चीस विराजे| सो प्रभु तिष्ठहु आय निकट मम ज्यों भ्रम भाजे|| ॐ ह्रीं…
प्रानत-स्वर्ग विहाय लियो जिन, जन्म सु राजगृही-महँ आई। श्रीसुहमित्त पिता जिनके, गुनवान महा पदमा जसु माई।। बीस-धनू तन श्याम छवी, कछु-अंक हरी वर वंश बताई। सो मुनिसुव्रतनाथ प्रभू कहँ, थापत…
श्री नमिनाथ जिनेन्द्र नमौं विजयारथ नन्दन| विख्यादेवी मातु सहज सब पाप निकन्दन|| अपराजित तजि जये मिथिलापुर वर आनन्दन| तिन्हें सु थापौं यहाँ त्रिधा करि के पदवन्दन|| ॐ ह्रीं श्रीनमिनाथजिनेन्द्र !…
कवि श्री बख्तावरसिंह (गीता छन्द) वर स्वर्ग प्राणत सों विहाय सुमात वामा-सुत भये| अश्वसेन के पारस जिनेश्वर चरन जिनके सुर नये|| नव-हाथ-उन्नत तन विराजे उरग-लच्छन अति लसें| थापूँ तुम्हें जिन…
जैतिजै जैतिजै जैतिजै नेमकी, धर्म औतार दातार श्यौचैनकी| श्री शिवानंद भौफंद निकन्द, ध्यावें जिन्हें इन्द्र नागेन्द्र ओ मैनकी|| परमकल्यान के देनहारे तुम्हीं, देव हो एव तातें करौं एनकी| थापि हौं…