चंदन के पलना में झूले मोरे वीरा…(पालना गीत)

Jain Bhajan in hindi

“चंदन के पलना में झूले मोरे वीरा” एक अत्यंत मधुर और भक्ति-भाव से ओतप्रोत भजन है, जो की भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक से जुड़ा है। इस भजन में भक्त भगवान महावीर को शिशु रूप में झूले में झूलते हुए कल्पना करता है, और आगमन का उत्सव मनाता है। 

इस भजन को विशेष रूप से महावीर जयंती, और धार्मिक आयोजन के दौरान भावपूर्वक गाते हैं। यह भजन न केवल भगवान के प्रति प्रेम का प्रतीक है, बल्कि आत्मा की उस आनंदमयी भी है।

पालना गीत जैन भजन

चंदन के पलना में झूले मोरे वीरा 
चम चम चमके गले को हार… 2
कोन महल में पलना धरो है
कोन सखी… 

कोन सखी पलना झुलाए मोरे वीरा
चम चम के गले को हार… 2
त्रिशला महल में पलना धरों है
स्वर्गन की देवियां…

स्वर्गन की देवियां झुलाए मोरे वीरा 
चम चम चमके गले को हार 2
कोन वहां नाचे कौन वहां गाए
कौन वहां…

कौन वहां मोती लुटावे मोरे वीरा 
चम चम चमके गले को हार 2
इंद्र वहां नाचे इंद्राणी वहां गावे 
सिद्धार्थ…

सिद्धार्थ मोती लुटावे मोरे वीरा
चम चम चमके गले को हार 2
चंदन के पलना में झूले मोरे वीरा 
चम चम चमके गले को हार… 2

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Note

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Swarn Jain

My name is Swarn Jain, A blog scientist by the mind and a passionate blogger by heart ❤️, who integrates my faith into my work. As a follower of Jainism, I see my work as an opportunity to serve others and spread the message of Jainism.

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