Acharya Shri 108 Samay Sagar Ji Maharaj

Shri 108 Samay Sagar Ji Maharaj

आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज का जीवन परिचय

आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का जन्म कर्नाटक के बेलगांव में 27 अक्टूबर 1958 को हुआ था। वे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के पहले शिष्य भी हैं। समय सागर जी महाराज आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के भाई भी हैं। समय सागर जी महाराज ने केवल 17 साल की उम्र में ही क्षुल्लक दीक्षा ले ली थी।

बचपन से ही आचार्य श्री समय सागर जी की रुचि धर्म और कर्म में ही रही। बचपन में माता पिता ने इनका नाम शांतिनाथ जी जैन रखा था। जैन धर्म की दीक्षा लेने पर इनका नाम श्री समय सागर जी महाराज हो गया। छह भाई-बहनों में समय सागर जी महाराज सबसे छोटे है।

आचार्य 108 समय सागर जी महाराज, समाधिस्‍थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के बाद अगले जैन धर्म के संत शिरोमणि हैं. वे जैन संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के छोटे भाई हैं। आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के बारे में कुछ खास बातेंः

  • आचार्य समय सागर जी महाराज का गृहस्‍थ जीवन का नाम शांतिनाथ जैन था। 
  • उनका जन्म 27 अक्टूबर, 1958 को कर्नाटक के वेलगाम में हुआ था. 
  • उनके पिता का नाम मल्लप्पाजी जैन और मां का नाम श्रीमंति जी जैन है. 
  • वे छह भाई-बहनों में छठे नंबर पर थे. 
  • उनका पहले नाम शांतिनाथ था. 
  • उन्होंने 2 मई, 1975 को ब्रह्मचर्य व्रत लिया था. 
  • 18 दिसंबर, 1975 को उन्होंने झुल्लक दीक्षा ली थी. 
  • 31 अक्टूबर, 1978 को उन्होंने एलक दीक्षा ली थी. 
  • 8 मार्च, 1980 को उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी से मुनि दीक्षा ली थी. 
  • वे कन्नड़, हिन्दी, संस्कृत, और मराठी भाषाओं से परिचित हैं. 
जन्म नामश्री शांतिनाथ जी जैन
जन्म27-10-1958,(चेतन क्राति) सोमवार शरद पूर्णिमा, (ग्राम- सदलगा के पास), बेलगांव (कर्नाटक)
पिताश्री मल्लप्पाजी अष्टगे (मुनिश्री मल्लिसागरजी)
माताश्रीमती मंती अष्टगे(आर्यिकाश्री समयमतिजी)
भाई
  • (विद्याधर)समाधिस्‍थ आचार्य विद्यासागर
  • (अनंतनाथ) मुनि योगसागर
  • मुनि उत्कृष्ट सागर जी
बहनदो बहन
शिक्षाहाई स्कूल (मराठी भाषा में)
ब्रह्मचर्य व्रतश्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, चूलगिरि (खानियाजी), जयपुर
क्षुल्लक दीक्षा18-12-1975 , गुरुवार, सोनागि, दतिया (Mp)
ऐलक दीक्षा31-10-1978 मंगलवार कार्तिक क्रष्ण अमावश्या(दिवाली), सिध्द क्षेत्र नैनगिरी छतरपुर(MP)
मुनि दीक्षा08-03-1980 शनिवार चैत्र क्रष्ण, सिध्द क्षेत्र द्रोणगिरी जी छतरपुर(MP)
दीक्षा गुरुआचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज और आचार्य श्री योगसागर जी महाराज को आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज से दीक्षित हुए
आचार्य पद16-अप्रैल -2024 को निर्यापक मुनि श्री 108 समय सागरजी महाराजी को आचार्य पद मिला|

16 अप्रैल 2024 को कुंडलपुर, दामोह(Mp) मे मुनि दीक्षा के 44 वर्ष बाद आचार्य 108 समय सागर जी महाराज को आचार्य पद मिला। आचार्य श्री 480Km का विहार करते हुए आचार्य पद महोत्सव में शामिल हुए और आचार्य पद ग्रहण किया। 

Swarn Jain

My name is Swarn Jain, A blog scientist by the mind and a passionate blogger by heart ❤️, who integrates my faith into my work. As a follower of Jainism, I see my work as an opportunity to serve others and spread the message of Jainism.

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