Jinvani Book: Poojan Paath Pradeep Jinvani Sangrah
जिनवाणी पुस्तक: आत्मज्ञान की ओर एक कदम परिचय भारतीय धर्मों में ज्ञान का स्थान सर्वोपरि रहा है, और जैन धर्म में तो ज्ञान को मोक्ष प्राप्ति का सीधा मार्ग माना…
जिनवाणी पुस्तक: आत्मज्ञान की ओर एक कदम परिचय भारतीय धर्मों में ज्ञान का स्थान सर्वोपरि रहा है, और जैन धर्म में तो ज्ञान को मोक्ष प्राप्ति का सीधा मार्ग माना…
Jain Pooja Krne ki Vidhi जैन पूजा सामग्री प्रासुक जल (कुंए या बोरिंग का जल आवश्यक मात्रा में एक बड़े बर्तन में, दोहरे छन्ने से छान कर पानी को गर्म…
Jain Puja की सामग्री १. प्रासुक जल (कुंए या बोरिंग का जल आवश्यक मात्रा में एक बड़े बर्तन में, दोहरे छन्ने से छान कर, जिवाणि वापिस कुएं में डालें, छने पानी को गर्म करके पुनः…
श्री गौतम गणधर पूजा जैन धर्म में अत्यंत श्रद्धा के साथ की जाने वाली एक महत्वपूर्ण उपासना है। इस पूजा में हम भगवान महावीर स्वामी के प्रथम गणधर श्री गौतम…
(अडिल्ल छन्द) ह्रूं कार अक्षरात्मक देव जो ध्यावते | देव मनुष्य पशु कृत सो व्याधि नशावते || कांसी तांबे पत्र पे शुद्ध लिखावते | केशर चंदन तापर गंध रचावते ||…
कविश्री 'पुष्पेंदु' हे पार्श्वनाथ! हे अश्वसेन-सुता! करुणासागर तीर्थंकर हे सिद्धशिला के नेता! हे ज्ञान-संपन्न तीर्थंकर || हम भावुकता से भर गए, तुम्हारे नाथ! बुलाया भगवान! गाथा की गंगा से, तुमाने…
(कविवर ज्ञानतराय जी) परमपूज्य चौबीस, जिहँ जिहँ थानक शिव गये| सिद्धभूमि निशदीस, मन-वच-काय पूजा करों| ॐ ह्रीं श्रीचतुर्विंशति तीर्थंकर निर्वाणक्षेत्रा:! अत्र अवतर अवतर संवौषट आह्वाह्न्म | ॐ ह्रीं श्रीचतुर्विंशति तीर्थंकर…
Panch Baalyati Tirthankar Pooja Lyrics (दोहा) श्री जिन पंच अनंग-जित, वासुपूज्य मल्लि नेम | पारसनाथ सु वीर अति, पूजूँ चित-धरि प्रेम || ओं ह्रीं श्री पंचबालयति-तीर्थंकरा: अत्र अवतर अवतर संवौषट्!…